हल्द्वानी
अंकिता भंडारी को कब मिलेगा न्याय? हल्द्वानी में विधायक सुमित हृदयेश ने सरकार से पूछे तीखे सवाल
अंकिता भंडारी प्रकरण के 4 साल बाद भी विधायक सुमित हृदयेश ने उठाये गंभीर सवाल। जानिए हल्द्वानी प्रेस वार्ता में वीआईपी और साक्ष्यों पर क्या बोले कांग्रेस नेता।
हल्द्वानी। अंकिता भंडारी हत्याकांड के चार साल बीत जाने के बाद भी यह मामला उत्तराखंड की राजनीति और जनमानस में एक सुलगता हुआ सवाल बना हुआ है। हल्द्वानी के होटल सौरभ में आयोजित जिला महानगर कांग्रेस कमेटी की प्रेस वार्ता के दौरान हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने राज्य सरकार की मंशा और महिला सुरक्षा व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़े किए।
विधायक सुमित हृदयेश ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि हिमालयी राज्यों में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के मामले में उत्तराखंड की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देवभूमि जैसे राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को कोरे दावों के बजाय धरातल पर ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
अंकिता भंडारी प्रकरण का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि चार साल बाद भी पीड़ित परिवार और जनता के मन में कई अनुत्तरित प्रश्न हैं। उन्होंने सरकार से सवाल पूछा कि घटना के तुरंत बाद वनंतरा रिसॉर्ट पर बुलडोजर किसके आदेश पर चलाया गया और मामले में जिस कथित ‘वीआईपी’ का नाम विधानसभा में उठा था, उसकी पहचान अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?
इसके अलावा प्रेस वार्ता में क्षेत्रीय समस्याओं और डिजिटल यूपीआई भुगतान (UPI Payments) पर संभावित शुल्कों को लेकर भी चर्चा की गई। सुमित हृदयेश ने कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था में किसी भी तरह के अतिरिक्त शुल्क का सीधा असर आम व्यापारियों और नागरिकों की जेब पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के अधिकारों के लिए सदन से सड़क तक लड़ाई जारी रखेगी।
