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हरिद्वार

नकली दवाओं का इंटरनेशनल सिंडिकेट बेनकाब, मुख्य सरगना चांदपुर से गिरफ्तार

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उत्तराखंड एसटीएफ ने नकली दवाओं के सिंडिकेट के सरगना विशद कुमार को यूपी के बिजनौर से गिरफ्तार किया। आरोपी पहले भी नकली रेमडेसिविर मामले में घिर चुका है।

हरिद्वार। उत्तराखंड एसटीएफ (STF) ने नकली दवाओं के निर्माण, आपूर्ति और बिक्री करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने इस संगठित गिरोह के मुख्य सरगना विशद कुमार को उत्तर प्रदेश के बिजनौर (चांदपुर) से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह आरोपी प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम पर धड़ल्ले से नकली दवाएं बनाकर ऑनलाइन बाजार में सप्लाई कर रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ ने सख्त धाराओं और एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान एसटीएफ ने पहले ही गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों जतिन और गौरव त्यागी को दबोच लिया था। दोनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ के बाद एसटीएफ मुख्य आरोपी तक पहुंची और सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी विशद कुमार कोटद्वार स्थित ‘मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स’ कंपनी का मालिक है। यह कंपनी वर्ष 2021 में कोरोना महामारी के दौरान नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने के गंभीर आरोपों से घिरी थी। हाल ही में तेलंगाना पुलिस द्वारा भी इस कंपनी पर सैंपलिंग और कानूनी कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद इसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था।
बीती 23 मई 2026 को सिडकुल सिगड्डी स्थित इस फैक्ट्री पर छापेमारी के दौरान 3 किलो टैबलेट और 34 पंच उपकरण बरामद किए गए थे। Uttarakhand Police ने आम जनता से अपील की है कि दवाएं केवल अधिकृत स्टोर से खरीदें और किसी भी संदिग्ध फैक्ट्री या नकली दवाओं की सूचना एसटीएफ हेल्पलाइन नंबर 9412029536 पर तुरंत दें।

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