नई दिल्ली
हल्द्वानी सिटी मजिस्ट्रेट समेत अधिकारियों को मतदाता सूची का नोटिस
हल्द्वानी के सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी को मतदाता सूची में विसंगति पर चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है। जानिए क्या है पूरा मामला।
हल्द्वानी। निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया में बड़ा अपडेट सामने आया है। हल्द्वानी के सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी को पिता के नाम में विसंगति पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया है। आयोग ने उन्हें आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर रिकॉर्ड में तत्काल सुधार कराने के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2003 की मतदाता सूची में सिटी मजिस्ट्रेट के पिता का नाम जेपी बाजपेयी दर्ज था। वहीं वर्तमान दस्तावेजों में उनके पिता का नाम जगदीश प्रसाद बाजपेयी लिखा गया है। इसी नाम के अंतर को दूर करने के लिए बीएलओ की ओर से नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे गए हैं, जिस पर बुधवार को सुनवाई प्रस्तावित है।
इस विशेष अभियान के दौरान कुमाऊं मंडल के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को भी ऐसा ही नोटिस जारी किया गया था। वर्ष 2003 की सूची में उनका नाम अधूरा दर्ज था, जिसे संबंधित अधिकारी ने दस्तावेज उपलब्ध कराकर ठीक करवा लिया है। वहीं नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में बीएलओ टीम कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत और स्थानीय विधायक सरिता आर्या के आवास पर भी सत्यापन के लिए पहुंची।
नैनीताल के एसडीएम नवाजिश खालिक ने बताया कि निर्वाचन प्रणाली अब खुद विसंगतियों की पहचान कर रही है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे के अनुसार प्रदेश में अब तक करीब 19 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में त्रुटियां मिली हैं, जिन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही लगभग 5.26 लाख मतदाताओं की मैपिंग के लिए बीएलओ स्तर पर सत्यापन जारी है।
निर्वाचन विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी विवरण त्रुटियों में समय रहते सुधार करा लें। विवरण संशोधन के लिए फॉर्म-8, नए पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 और नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 का उपयोग किया जा सकता है। 14 जुलाई से शुरू हुआ यह विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 13 अगस्त तक संचालित रहेगा।
