उत्तर प्रदेश
सोशल मीडिया पर लिखा ‘चाय खतरे में है मित्तर, चीनी पहुंच गई सत्तर’, लेखपाल तत्काल प्रभाव से सस्पेंड
जौनपुर में चीनी की बढ़ती कीमतों पर सोशल मीडिया पोस्ट लिखने वाले लेखपाल अशोक कुमार को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने इसे आचरण नियमों का उल्लंघन माना।
जौनपुर। जिले में सोशल मीडिया पर बढ़ती महंगाई पर तंज कसना एक सरकारी कर्मचारी को महंगा पड़ गया। देश में चीनी की आसमान छूती कीमतों को लेकर फेसबुक पर टिप्पणी करने वाले शाहगंज तहसील के लेखपाल अशोक कुमार यादव को जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कर्मचारी की इस टिप्पणी का स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया, जिसके बाद यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
मामला शाहगंज तहसील क्षेत्र का है, जहां लेखपाल अशोक कुमार यादव ग्राम बारा में हल्का इंचार्ज के पद पर तैनात हैं। पिछले कुछ दिनों से देश में चीनी के दाम 70 से 75 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने पर उन्होंने अपने निजी फेसबुक पेज पर एक पंक्ति लिखी। उन्होंने लिखा, ‘चाय खतरे में है मित्तर, चीनी पहुंच गई सत्तर’। उनका यह तंज भरा पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और स्थानीय अधिकारियों के संज्ञान में आ गया।
मामला अधिकारियों के सामने आते ही जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पोस्ट को सरकारी कर्मचारी आचरण नियमों का घोर उल्लंघन माना। निलंबन आदेश में तर्क दिया गया कि सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर ऐसी राजनीतिक या व्यवस्था विरोधी टिप्पणियों से बचना चाहिए। अधिकारियों के अनुसार ऐसे बयानों से विभाग की छवि धूमिल होती है और बेवजह विवाद खड़ा होता है।
लेखपाल के निलंबन का विभागीय पत्र भी सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन निलंबन का मुख्य कारण महंगाई पर किया गया पोस्ट ही बताया जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद से जहां प्रशासनिक कर्मचारियों में हड़कंप है, वहीं अभिव्यक्ति की आजादी और आचरण नियमों की सीमा को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
