Report by : CWN Desk
Published at :
निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध मौत, चाय की दुकान में लटका मिला शव

निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली का शव हरिद्वार में किराए की चाय दुकान में फंदे से लटका मिला। नाम बदलकर रह रहे कोली की मौत की पुलिस जांच जारी है।

हरिद्वार। देश के सबसे चर्चित और भयावह आपराधिक मामलों में शामिल निठारी कांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। शुक्रवार सुबह उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित भूपतवाला इलाके में उसकी किराए की चाय की दुकान में उसका शव पंखे से लटका मिला। करीब 19 साल तक जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट से बरी हुआ कोली पिछले कुछ महीनों से पहचान छिपाकर हरिद्वार में जीवन बिता रहा था।
प्राथमिक जांच के अनुसार, सुरेंद्र कोली ने सिडकुल की एक कंपनी में ‘सदाराम’ के फर्जी नाम से काम शुरू किया था। चार दिन पहले उसने हरिद्वार के सप्तऋषि चौकी क्षेत्र में लाल मंदिर के पास एक छोटी चाय की दुकान किराए पर ली थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आगामी महाकुंभ की तैयारियों के चलते क्षेत्र में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के कारण उसे दुकान छिनने और एडवांस रकम डूबने की गहरी चिंता थी।
निठारी कांड की शुरुआत साल 2005-06 में नोएडा के सेक्टर-31 स्थित मोनिंदर सिंह पंढेर की D-5 कोठी से हुई थी। वहां नाले से कई मानव कंकाल और कपड़े बरामद हुए थे। इसके बाद CBI ने मामले की जांच संभालकर सुरेंद्र कोली के खिलाफ हत्या और अपहरण के कई मुकदमे दर्ज किए। निचली अदालत ने उसे 13 मामलों में फांसी की सजा सुनाई थी।
हालांकि, कानूनी लड़ाई के बाद अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत में जबरन लिए गए कबूलनामे पर सवाल उठाते हुए उसे 12 मामलों में बरी कर दिया। इसके बाद 11 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम बचे 13वें मामले में भी दोषसिद्धि रद्द कर उसे रिहा कर दिया था।
हरिद्वार पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन मौत के सटीक कारणों और सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है।

Follow CWN TODAY on WhatsAppJoin ›