देहरादून
धामी सरकार का बड़ा फैसला: पीड़ितों को मिलेगा समय पर न्याय, डिजिटल सिस्टम से होगी निगरानी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने SC/ST अधिनियम की समीक्षा बैठक में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण, पीड़ितों को तुरंत राहत राशि और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के दिए निर्देश।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की राज्य स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की महत्वपूर्ण बैठक ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अत्याचार से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को समय पर न्याय, सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह समीक्षा बैठक केवल औपचारिक न रहे, बल्कि व्यवस्था को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाया जाए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लंबित विवेचनाओं और विशेष न्यायालयों में विचाराधीन मामलों के प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस, प्रशासन और अभियोजन विभाग को आपस में बेहतर समन्वय बनाकर कार्रवाई करने को कहा। गंभीर और पुराने मामलों में प्रभावी पैरवी के लिए आवश्यकतानुसार विशेष लोक अभियोजकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पीड़ितों को मिलने वाली अनुमन्य राहत राशि के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सहायता केवल आर्थिक रूप तक सीमित न रहे, बल्कि प्रभावित परिवारों को चिकित्सा, शिक्षा, सुरक्षा और पुनर्वास योजनाओं से भी जोड़ा जाए। किसी भी स्थिति में प्रभावित बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए और उन्हें छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ तुरंत मिलना चाहिए।
मामलों की शासन स्तर से प्रभावी ट्रैकिंग के लिए मुख्यमंत्री ने एक ‘डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम’ विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इसके जरिए विवेचना, अदालती स्थिति और राहत राशि के वितरण की पारदर्शी निगरानी की जाएगी। इसके अलावा, दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी अधिकारों के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान चलाने तथा पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील व्यवहार का प्रशिक्षण देने पर बल दिया गया।
