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उत्तराखण्ड

उत्तराखंड को सड़क नेटवर्क के लिए मिली 7000 करोड़ की सौगात, सीएम धामी ने नितिन गडकरी के साथ की बैठक

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक में उत्तराखंड की सड़क अवसंरचना के लिए 7 हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावों पर सहमति बनी है।

देहरादून। उत्तराखंड के विकास और कनेक्टिविटी को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रतिभाग किया। इस बैठक में उत्तराखंड की भौगोलिक और सामरिक महत्ता को देखते हुए सड़क अवसंरचना (Road Infrastructure) के विकास के लिए लगभग 7 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर महत्वपूर्ण सहमति बनी है। मुख्यमंत्री ने राज्य की सीमाओं की सुरक्षा, पर्यटन और आपदा प्रबंधन की जरूरतों को रेखांकित करते हुए आधुनिक सड़क नेटवर्क के प्रस्तावों को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया था।
बैठक के दौरान केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (CRIF) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए करीब 750 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की स्वीकृति पर अंतिम मुहर लगाई गई। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग (NHO) के अंतर्गत 2,966 करोड़ रुपये की लागत वाली पांच प्रमुख परियोजनाओं को भी हरी झंडी मिल चुकी है। इन परियोजनाओं में श्रीनगर बाईपास का निर्माण, पुरकाजी–लक्सर–हरिद्वार मार्ग को फोर-लेन बनाना, लोहाघाट एवं पिथौरागढ़ बाईपास और रामनगर–रानीखेत मार्ग का सुदृढ़ीकरण मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पूर्व की लंबित 530.11 करोड़ रुपये की राशि को भी जल्द जारी करने की मांग की।
आगामी अर्धकुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने हरिद्वार बाईपास परियोजना और कोटद्वार बाईपास के कार्यों को समय पर पूरा करने का आग्रह किया, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिल सके। इस मांग पर भी केंद्रीय मंत्रालय ने सकारात्मक रुख अपनाया है। बैठक में अन्य अहम मार्गों को जोड़ने के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये और अल्मोड़ा सिकुड़ा बैंड से एनएच-309 तक टनल सहित मोटर मार्ग निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर सैद्धांतिक सहमति बनी है।
आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में बड़ी पहल करते हुए उत्तराखंड लैंडस्लाइड मिटिगेशन मैनेजमेंट सेंटर (ULMMC) के माध्यम से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के वैज्ञानिक उपचार के लिए डीपीआर तैयार करने हेतु सहमति बनी है। इसके अतिरिक्त, सीएम धामी ने सीमा सड़क संगठन (BRO) से जुड़े लंबित मामलों, विशेषकर ऋषिकेश–गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग और जोशीमठ बाईपास मार्ग के संशोधित प्रस्तावों को जल्द मंजूरी देने की बात कही। इस बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा सहित लोक निर्माण विभाग और सड़क परिवहन मंत्रालय के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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