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नैनीताल

योग भारत की आत्मा और संस्कृति का प्राण: राज्यपाल गुरमीत सिंह

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने नैनीताल में किया योगाभ्यास। योग को बताया सनातन सभ्यता की चेतना।

नैनीताल। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के गौरवशाली अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने नैनीताल स्थित लोक भवन में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों और देश-विदेश में योग साधना से जुड़े सभी साधकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में कुमाऊं विश्वविद्यालय के योग विभाग के छात्र-छात्राओं ने अत्यंत सुंदर और लयबद्ध योग मुद्राओं की व्यावहारिक प्रस्तुति देकर समां बांध दिया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने योग के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग भारत की आत्मा, हमारी गौरवशाली संस्कृति का प्राण और सनातन सभ्यता की वह शाश्वत चेतना है, जिसने हमेशा विश्व को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का पावन संदेश दिया है। राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम या साधना नहीं है, बल्कि यह संतुलित, श्रेष्ठ और सार्थक जीवन जीने का एक संपूर्ण सनातन विज्ञान है।
राज्यपाल ने उत्तराखंड और हिमालय क्षेत्र की महत्ता का जिक्र करते हुए कहा कि यह तपोभूमि अनादिकाल से ही योग, ध्यान और आध्यात्मिक चेतना का मुख्य केंद्र रही है। यहीं से निकले दिव्य ज्ञान ने योग के रूप में संपूर्ण मानवता को आत्मोन्नति और अमृतमय जीवन का सच्चा मार्ग दिखाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत की इस अद्भुत विरासत और सॉफ्ट पावर को संयुक्त राष्ट्र सहित पूरी दुनिया ने खुले दिल से स्वीकार किया है।
राज्यपाल ने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि योग को सिर्फ एक दिन के उत्सव तक सीमित न रखकर अपने जीवन का संस्कार और परिवार की दैनिक परंपरा बनाएं। यह संयमित जीवन जीने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देता है। इस गरिमामयी कार्यक्रम में राज्यपाल के परिसहाय अमित श्रीवास्तव, सुमित कुमार शादिजा, संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय और कम्पट्रोलर प्रमोद चमोली सहित लोक भवन के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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