Report by : CWN Desk
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प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0: केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को दिया विशेष सहयोग, बढ़ी अवधि

PMKSY 2.0: उत्तराखंड में कृषि सिंचाई योजना के लिए केंद्र ने जारी की राशि। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने परियोजना अवधि को सितंबर 2026 तक बढ़ाया।

देहरादून। उत्तराखंड में कृषि और ग्रामीण विकास को गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के जलग्रहण विकास घटक–2.0 (WDC–PMKSY 2.0) के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए केंद्र ने उत्तराखंड को विशेष सहयोग प्रदान किया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर इस योजना के विस्तार और स्वीकृत बजट की महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस निरंतर सहयोग के लिए केंद्रीय मंत्री का विशेष आभार व्यक्त किया है।


इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत उत्तराखंड में कुल 15 जलग्रहण विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य के लगभग 0.84 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र का उपचार और विकास किया जाना तय हुआ है। इस पूरी परियोजना की कुल लागत ₹232.26 करोड़ आंकी गई है, जिसमें केंद्र सरकार का हिस्सा ₹209.03 करोड़ निर्धारित है। केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि केंद्र सरकार द्वारा अब तक उत्तराखंड राज्य को ₹106.05 करोड़ की भारी-भरकम राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है, जिससे ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं।
परियोजनाओं को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने इसकी समय सीमा में भी बड़ी राहत दी है। योजना की मूल अवधि हालांकि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी थी, लेकिन विकास कार्यों को अधूरा छोड़ने के बजाय भारत सरकार ने परियोजना अवधि को सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया है। इस अस्थायी विस्तार का मुख्य उद्देश्य सभी स्वीकृत कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करना है। इसके साथ ही, वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली दो तिमाहियों के लिए ₹31.58 करोड़ की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता स्वीकृत करते हुए ₹15.79 करोड़ की पहली किस्त जारी भी कर दी गई है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में आने वाली PMKSY 3.0 योजना का लाभ उन्हीं राज्यों को प्राथमिकता पर मिलेगा, जिनका प्रदर्शन मौजूदा चरण में सर्वश्रेष्ठ रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि सभी संबंधित विभागों को इस राशि का पारदर्शी और समयबद्ध उपयोग करने के सख्त निर्देश दिए जाएं। इस बढ़ी हुई वित्तीय और तकनीकी सहायता से उत्तराखंड के ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों की नकदी फसलों के उत्पादन को भी एक नई दिशा मिलेगी।

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