उत्तराखण्ड
सीएम धामी का बड़ा बयान: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों से बनेगा आत्मनिर्भर भारत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने यूसीसी, नकल विरोधी कानून और अनुच्छेद 370 पर बड़े बयान दिए।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के आईआरडीटी सभागार में आयोजित महानगर जिला कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रतिभाग किया। यह विशेष कार्यक्रम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित 15 दिवसीय श्रृंखला का हिस्सा था। मुख्यमंत्री ने डॉ. मुखर्जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने राष्ट्र निर्माण और भारत की अखंडता में उनके महान योगदान को याद किया। धामी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का पूरा जीवन ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को समर्पित था।
मुख्यमंत्री धामी ने अनुच्छेद 370 को हटाए जाने का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से इस धारा को समाप्त करना डॉ. मुखर्जी के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में केंद्र सरकार ने इस ऐतिहासिक और अधूरे सपने को साकार किया है। इसके साथ ही देश में अंत्योदय, आयुष्मान भारत और डिजिटल इंडिया जैसी कल्याणकारी योजनाएं उनके लोककल्याणकारी दृष्टिकोण को निरंतर आगे बढ़ा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी डॉ. मुखर्जी के आदर्शों पर आगे बढ़ रही है। उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) को सफलतापूर्वक लागू किया है। यह ऐतिहासिक कानून महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और लैंगिक समानता सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। इसके साथ ही देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रखने के लिए कड़ा धर्मांतरण विरोधी कानून और युवाओं के लिए सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू किया गया है।
पलायन को रोकने और विकास को गति देने के लिए राज्य में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास हो रहा है। चारधाम ऑल वेदर रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना जैसी बड़ी योजनाएं उत्तराखंड की तस्वीर बदल रही हैं। गांवों में स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए होमस्टे योजना को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी कार्यकर्ताओं से प्रत्येक बूथ को मजबूत करने का आह्वान किया।
