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हरिद्वार में अमर शहीद जगदीश वत्स को नमन: युवाओं में देशभक्ति जगाएंगी शहीदों की गाथाएं

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हरिद्वार में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति ने अमर शहीद जगदीश वत्स पार्क में ध्वजारोहण कर श्रद्धांजलि दी। जगदीश वत्स की जयंती को राजकीय उत्सव घोषित करने की मांग।

हरिद्वार। उत्तराखंड की धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी हरिद्वार में देश के अमर बलिदानियों को याद करने के लिए एक अनूठी मुहिम चलाई जा रही है। अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति की ओर से रविवार को ‘हर महीने प्रथम रविवार दस बजे दस मिनट स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों के नाम’ अभियान के तहत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत देश के 22 राज्यों में लगभग 320 स्थानों पर एक साथ शहीदों को नमन किया गया, जिसमें हरिद्वार का ज्वालापुर क्षेत्र भी मुख्य रूप से शामिल रहा।
हरिद्वार के ज्वालापुर स्थित शहीद जगदीश वत्स पार्क में जिला अध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश आर्य, साहित्यकार अरुण कुमार पाठक और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया। राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के बाद सभी उपस्थित स्वतंत्रता सेनानी परिवारों और गणमान्य नागरिकों ने अमर शहीद जगदीश वत्स की मूर्ति पर माल्यार्पण कर भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की। इसके साथ ही रुड़की के वटवृक्ष सुनहरा, स्वतंत्रता सेनानी स्तंभ, लक्सर और बहादराबाद में भी गौरवशाली इतिहास को याद किया गया।
इस अवसर पर चेतना पथ के संपादक अरुण कुमार पाठक ने युवाओं को इस अभियान से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों की जीवन गाथाएं ही हमारी नई पीढ़ी के भीतर सच्ची देशभक्ति की भावना को अनुप्राणित और जीवित रख सकती हैं। कार्यक्रम के दौरान समिति के सचिव अनुराग सिंह गौतम ने सभी को सूचित किया कि आगामी 25 जुलाई को शहीद जगदीश वत्स जी की 101वीं जयंती बेहद गरिमापूर्ण और समारोहपूर्वक ढंग से मनाई जाएगी।
समारोह में वक्ताओं ने बताया कि 17 वर्ष की अल्पायु में महात्मा गांधी के आह्वान पर ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान 14 अगस्त को शहीद होने वाले जगदीश वत्स देश के इकलौते जांबाज थे। समिति के सदस्यों ने उत्तराखंड सरकार से मांग की है कि असम सरकार की तर्ज पर अमर शहीद जगदीश वत्स की पुण्यतिथि और जयंती को प्रांतीय तथा राष्ट्रीय स्तर पर सरकारी उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए। इस गरिमामयी कार्यक्रम में आदित्य गहलोत, कैलाश चन्द वैष्णव, रमेश चन्द गुप्ता और मंजू लता भारती समेत कई लोग उपस्थित रहे।

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