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उत्तराखण्ड

EPFO Big Decision: अब एक ही दिन में होगा पीएफ डेथ क्लेम और रिटायरमेंट का भुगतान

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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) का बड़ा फैसला। अब मृतक कर्मचारियों के आश्रितों और रिटायर होने वाले कर्मचारियों के पीएफ क्लेम का निपटान महज 24 घंटे में होगा।

देहरादून: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े देश के लाखों खाताधारकों के लिए बेहद राहत भरी खबर है। ईपीएफओ ने अपने नियमों और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव करते हुए क्लेम निपटान की प्रक्रिया को बेहद तेज कर दिया है। अब नौकरी के दौरान मृत हुए कर्मचारियों के आश्रितों के डेथ क्लेम (EPFO Death Claim) का निपटान महज एक ही दिन में किया जाएगा। इसके साथ ही, सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को भी उनके पीएफ का भुगतान रिटायरमेंट के दिन ही सुनिश्चित किया जाएगा।
अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त अजय ने क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान इस ऐतिहासिक पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी तरीके से चलाने के लिए डिजिटल सिस्टम को लगातार सुदृढ़ बनाया जा रहा है। इसके तहत अब विभाग में केंद्रीयकृत सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम प्रणाली (CITES) को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। इस नई तकनीक के आने से दावों के अटकने की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
प्रेसवार्ता के आंकड़ों के अनुसार, अकेले उत्तराखंड में इस समय करीब 9,744 अंशदायी प्रतिष्ठान हैं, जिनसे कुल 7,74,377 सदस्य जुड़े हुए हैं। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में दावों का निपटान तय समय-सीमा के भीतर किया जा रहा है। क्लेम प्रक्रिया में मानवीय संवेदनशीलता को प्राथमिकता देने के लिए विभाग विशेष प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में क्षेत्रीय कार्यालय में स्थापित किया गया ‘संवेदना सेल’ (Samvedna Cell) एक बेहद महत्वपूर्ण और मददगार पहल साबित हो रहा है।
यह विशेष संवेदना सेल मुख्य रूप से मृत्यु दावों के त्वरित, संवेदनशील और त्रुटिरहित निपटान के लिए ही तैयार किया गया है। यह सेल ईपीएफ (EPF), ईपीएस (EPS) और ईडीएलआई (EDLI) योजनाओं के तहत आने वाले सभी मामलों को सिंगल विंडो सिस्टम यानी एकल संपर्क बिंदु के रूप में संभालता है। इससे पीड़ित परिवार और लाभार्थियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। उत्तराखंड में इस मॉडल की सफलता को देखते हुए अब इस व्यवस्था को पूरे जोन में लागू करने की तैयारी की जा रही है।

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