Connect with us

हरिद्वार

हरिद्वार में श्रद्धालु परेशान: साइन बोर्ड न होने से भटक रहे पर्यटक, कब जागेगा प्रशासन?

Published

on

खबर शेयर करें 👉

विश्व प्रसिद्ध तीर्थनगरी हरिद्वार में दिशा सूचक बोर्ड न होने से देश-विदेश के श्रद्धालु रास्ता भटक रहे हैं। नगर निगम और जिला प्रशासन से आधुनिक साइन बोर्ड लगाने की मांग।

हरिद्वार। विश्व प्रसिद्ध तीर्थनगरी हरिद्वार में हर दिन देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु, पर्यटक और कांवड़ यात्री पहुंचते हैं। गंगा स्नान और देव दर्शन की कामना लेकर आने वाले इन यात्रियों को यहां आकर एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर पर्याप्त और स्पष्ट दिशा सूचक (साइन बोर्ड) न होने के कारण लोग अक्सर रास्ता भटक जाते हैं। यह अव्यवस्था न केवल यात्रियों को परेशान कर रही है, बल्कि शहर की छवि पर भी दाग लगा रही है।
स्थानीय स्थिति यह है कि कई श्रद्धालु भीमगोड़ा से निकलकर सीधे बस अड्डे पहुंच जाते हैं। वहीं, अनेक यात्री हर की पौड़ी, खड़खड़ी या अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का रास्ता पूछते-पूछते घंटों परेशान होते हैं। हैरानी की बात यह है कि बस अड्डा, चंडी चौक, वाल्मीकि चौक, पोस्ट ऑफिस चौक, हर की पौड़ी, रोड़ीबेलवाला पार्किंग, भीमगोड़ा, खड़खड़ी और मोतीचूर जैसे अति-व्यस्त और प्रमुख स्थानों पर भी पर्याप्त दिशा सूचक बोर्ड दिखाई नहीं देते हैं। जहां कुछ बोर्ड लगे भी हैं, वे या तो बेहद पुराने हैं या यात्रियों के लिए स्पष्ट नहीं हैं।
हरिद्वार आने वाले श्रद्धालु केवल उत्तर भारत से ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर, पश्चिम भारत और विदेशों से भी आते हैं। भाषाई दिक्कतों के कारण बाहरी राज्यों के पर्यटकों को रास्ता ढूंढने में सबसे ज्यादा मानसिक और शारीरिक परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में स्थानीय लोगों और व्यापार मंडलों की मांग है कि शहर के सभी मुख्य मार्गों पर हिंदी, अंग्रेज़ी और सार्वभौमिक प्रतीकों (Universal Icons) के साथ आधुनिक दिशा सूचक बोर्ड तत्काल लगाए जाएं।
यह पूरा मामला केवल यात्रियों की सामान्य असुविधा का नहीं है, बल्कि यह हरिद्वार की वैश्विक छवि, पर्यटन व्यवस्था और श्रद्धालुओं के सम्मान से भी सीधा जुड़ा है। एक विश्वस्तरीय धार्मिक नगरी में बुनियादी मार्गदर्शन व्यवस्था का सुदृढ़ होना बेहद आवश्यक माना जाता है। इस गंभीर समस्या के सामने आने के बाद अब स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनों में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ने लगी है।

यह भी पढ़ें 👉  हरिद्वार में 'जनहित इंडिया' का भव्य सम्मान समारोह, समाजसेवी और पत्रकार सम्मानित


इस अव्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन, नगर निगम, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA), पर्यटन विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) से त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया गया है। अधिकारियों से मांग की गई है कि वे आपसी समन्वय बनाकर शहर के सभी प्रमुख चौराहों और संपर्क मार्गों पर डिजिटल या रिफ्लेक्टिव बहुभाषी साइन बोर्ड शीघ्र स्थापित करें। अब देखना यह है कि कुंभ और कांवड़ जैसी बड़ी यात्राओं का गवाह बनने वाला प्रशासन इस बुनियादी जरूरत पर कब तक ठोस कदम उठाता है।

Select Language

Advertisement