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हरिद्वार

हरिद्वार में आधी रात को चला नगर निगम का डंडा, सड़क पर उतरे भड़के लघु व्यापारी

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हरिद्वार नगर निगम द्वारा बिना नोटिस देर रात चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ सड़कों पर उतरे लघु व्यापारी। भारी आक्रोश के साथ की नारेबाजी, पुनर्वास की मांग।

हरिद्वार। उत्तराखंड के धार्मिक शहर हरिद्वार में नगर निगम प्रशासन की एक औचक कार्रवाई ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। हरिद्वार नगर निगम द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के देर रात व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई में प्रशासन ने सड़कों के किनारे से लघु व्यापारियों की ठेलियां, रेहड़ियां और अस्थायी दुकानें जबरन हटा दीं।
इस अमानवीय कार्रवाई की खबर मिलते ही सुबह बड़ी संख्या में पीड़ित लघु व्यापारी सड़कों पर उतर आए। अपने हाथों में तख्तियां लेकर गुस्साए व्यापारियों ने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने साफ कहा कि यह दमनकारी नीति सीधे तौर पर गरीबों के रोज़गार और उनकी आजीविका पर बड़ा हमला है।
लघु व्यापारियों का आरोप है कि रात के अंधेरे में की गई इस अचानक कार्रवाई से उनका भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। व्यापारियों के संगठनों का कहना है कि नगर निकाय को इस तरह की कार्रवाई करने से पहले नियमानुसार नोटिस जारी करना चाहिए था। इसके साथ ही पीड़ित रेहड़ी-पटरी वालों के लिए किसी उचित वैकल्पिक व्यवस्था या वेंडिंग ज़ोन का इंतज़ाम किया जाना बेहद ज़रूरी था।
गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित लघु व्यापारियों के पुनर्वास की व्यवस्था तुरंत की जाए। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक विचार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए स्थानीय बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

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