नैनीताल
ओखलकांडा डिग्री कॉलेज में छात्र हितों पर बैठक, मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
राजकीय महाविद्यालय ओखलकांडा में छात्रसंघ अध्यक्ष हेमा बिष्ट के नेतृत्व में बैठक हुई। समस्याओं का जल्द समाधान न होने पर छात्रों ने आमरण अनशन और आंदोलन की चेतावनी दी है।
नैनीताल। राजकीय महाविद्यालय ओखलकांडा में नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के प्रवेश के अवसर पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में छात्र हितों और कॉलेज की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। वर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष हेमा बिष्ट के नेतृत्व में संपन्न हुई इस बैठक में वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

बैठक के दौरान छात्र नेताओं ने कॉलेज की विभिन्न बुनियादी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस सिलसिले में छात्रों ने दूरभाष के माध्यम से पूर्व विधायक दान सिंह भंडारी, ब्लॉक प्रमुख ओखलकांडा और कमलेश भट्ट से सीधे वार्ता की। छात्रों ने जनप्रतिनिधियों के सामने कॉलेज की मांगें गंभीरता से रखीं और उनके शीघ्र समाधान का पुरजोर आग्रह किया।
सभी जनप्रतिनिधियों ने छात्र-छात्राओं को सकारात्मक सहयोग देने का भरोसा दिया है। उन्होंने कॉलेज की समस्याओं पर शीघ्र उचित कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया। हालांकि, छात्रों ने साफ कर दिया है कि वे केवल आश्वासनों पर बैठने वाले नहीं हैं और जल्द ही धरातल पर काम देखना चाहते हैं।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो छात्र उग्र कदम उठाएंगे। छात्रसंघ और समस्त विद्यार्थी लोकतांत्रिक तरीके से धरना, प्रदर्शन और आमरण अनशन जैसे आंदोलनों के लिए बाध्य होंगे। छात्रों ने चेतावनी दी है कि आंदोलन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में छात्रसंघ उपाध्यक्ष ममता मेहरा और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि डोली भट्ट सहित कई वरिष्ठ छात्र नेता उपस्थित रहे। पूर्व उपाध्यक्ष लीला पोखरिया, पूर्व सांस्कृतिक सचिव कमल मेवाड़ी और उमा भट्ट ने भी बैठक में अपने विचार साझा किए। अंत में सभी छात्र-छात्राओं ने एकजुट होकर कॉलेज के विकास के लिए निरंतर संघर्ष करने का सामूहिक संकल्प लिया।
