नैनीताल
नैनीताल में बड़ा फैसला: 1 अगस्त से माल रोड पर हॉर्न बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध, नो-पार्किंग जोन भी घोषित
नैनीताल की माल रोड पर 1 अगस्त से हॉर्न बजाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कई कड़े निर्देश जारी किए हैं।
नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल की यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और पर्यटकों के अनुकूल बनाने के लिए प्रशासन ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। बुधवार को कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में यह अहम फैसला लिया गया कि आगामी 1 अगस्त से नैनीताल की प्रसिद्ध माल रोड पर वाहनों के हॉर्न बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही तल्लीताल डांठ से लेकर हनुमानगढ़ी तक के पूरे क्षेत्र को नो-पार्किंग जोन घोषित कर दिया गया है।
बैठक के दौरान कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने कहा कि नैनीताल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है और माल रोड इसकी सबसे विशेष पहचान है। यहां आने वाले सैलानी शांत वातावरण में घूमना और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेना पसंद करते हैं। ऐसे में वाहनों के अनावश्यक हॉर्न बजाने से फैलने वाला ध्वनि प्रदूषण पर्यटकों के इस खूबसूरत अनुभव को खराब करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए 1 अगस्त से माल रोड को पूरी तरह ‘नो हॉंकिंग जोन’ बनाने का निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा, नैनीझील के आसपास के क्षेत्रों में यातायात को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए तल्लीताल डांठ से हनुमानगढ़ी बैंड तक के इलाके में तत्काल प्रभाव से नो-पार्किंग जोन लागू करने का निर्णय लिया गया है। कमिश्नर रावत ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को इस संबंध में सख्त हिदायत देते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। कमिश्नरी सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, डीएम ललित मोहन रयाल और एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने भी ट्रैफिक सुधार को लेकर कई अहम सुझाव दिए।
कमिश्नर दीपक रावत ने परिवहन विभाग और पुलिस को संयुक्त रूप से निर्देश दिए हैं कि सड़कों पर बिना फिटनेस के दौड़ने वाले किसी भी सरकारी या निजी वाहन को तुरंत सीज किया जाए। इसके साथ ही, निजी वाहनों का कमर्शियल यानी व्यावसायिक रूप से संचालन करने वालों के खिलाफ भी अब एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ पुलिस और आरटीओ (RTO) विभाग को सख्त वैधानिक व कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
