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उत्तराखंड वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव, 8 लाख से ज्यादा मतदाता घटे

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उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बाद 8 लाख से अधिक मतदाता घट गए हैं। जानिए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की पूरी जानकारी।

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चुनावों की तैयारी के बीच निर्वाचन विभाग ने प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची (Draft Voter List) जारी कर दी है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के पहले चरण का कार्य पूरा होने के बाद राज्य के वोटर डेटा में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में 10.39 प्रतिशत मतदाता कम हो गए हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि राज्य की सूची से कुल 8,26,977 मतदाताओं के नाम हट गए हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने देहरादून सचिवालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण अभियान से पहले प्रदेश में संभावित मतदाताओं की संख्या 79 लाख 60 हजार 762 थी। अनंतिम वोटर लिस्ट जारी होने के बाद अब यह संख्या घटकर 71 लाख 33 हजार 785 रह गई है। इसके अलावा, वर्तमान सूची में शामिल लगभग 19 लाख मतदाताओं के विवरण में भी कई तरह की विसंगतियां और गलतियां पाई गई हैं।
वोटर लिस्ट में इतनी बड़ी संख्या में विसंगतियां मिलने के बाद अब इन 19 लाख लोगों के नाम सूची में बने रहने पर भी संकट मंडरा रहा है। निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रशासन जल्द ही इन सभी मामलों में संबंधित ईआरओ (ERO) के माध्यम से नोटिस जारी करने जा रहा है। इस बड़े बदलाव पर राजनीतिक गलियारों और आम जनता के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। लोगों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर नाम कटना चिंताजनक है और इसे जल्द ठीक किया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, निर्वाचन विभाग ने जनता की प्रशासनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मतदान केंद्रों (Polling Stations) की संख्या में बढ़ोतरी की है। प्रदेश में मतदान केंद्रों की संख्या को 11,733 से बढ़ाकर अब 12,543 कर दिया गया है। डॉ. जोगदंडे ने स्पष्ट किया कि जिन योग्य नागरिकों के नाम सूची से कट गए हैं या जिन्हें अपने विवरण में कोई सुधार करवाना है, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है।
राज्य के नागरिक आगामी 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच फॉर्म 6, 7 और 8 भरकर अपने दावे या आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। मतदाता अपने नजदीकी मतदान केंद्र पर जाकर या राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (NVSP) के माध्यम से ऑनलाइन भी सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं। समय रहते सुधार न कराने पर मतदाताओं का नाम अंतिम सूची से स्थायी रूप से हटाया जा सकता है।

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