Connect with us

उत्तराखण्ड

उत्तराखंड की पांचों सीटों पर 63 प्रत्याशी चुनाव मैदान में, 19 अप्रैल को है मतदान

Published

on

खबर शेयर करें 👉

चार सीटें बनी हैं हॉट, स्टार प्रचारकों से इन सीटों पर मतदाताओं को रिझाने के लिए दल खेलेंगे हर दाव
देहरादून। लोकसभा की पांच सीटों पर पहले चरण के मतदान के लिए बुधवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई है।प्रथम चरण में 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव होने हैं। पांचों लोकसभा सीटों के लिए भाजपा, कांग्रेस, बसपा समेत अन्य दलों और निर्दल के रूप में कुल 63 प्रत्याशी मैदान में हैं।
भाजपा, कांग्रेस और बसपा सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। सपा सीधे तौर पर मैदान में नहीं है, लेकिन उसने सभी सीटों पर कांग्रेस को समर्थन दिया है। क्षेत्रीय दल के तौर पर उक्रांद भी चुनावी दंगल में उपस्थिति दर्ज करा रहा है। इसके साथ ही चुनाव के लिए मैदान सज चुका है। साथ ही महासमर में उतरे सूरमाओं ने अपनी रणनीति को धरातल पर उतारना प्रारंभ कर दिया है।
राज्य में लोकसभा सीटों की संख्या भले ही पांच हो, लेकिन इनमें से चार महत्वपूर्ण हो गई हैं और वहां दिग्गजों की साख दांव पर है। भाजपा ने इन सीटों पर अल्मोड़ा से पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, नैनीताल-ऊधम सिंह नगर से वर्तमान केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट, गढ़वाल सीट से भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख व वर्तमान राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी और हरिद्वार से पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मैदान में उतारा है।
इस चुनाव में भाजपा ने पांच में से दो सीटों गढ़वाल व हरिद्वार में नए चेहरे उतारे हैं। टिहरी गढ़वाल सीट से प्रत्याशी वर्तमान सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह के सामने हैट्रिक लगाने की चुनौती रहेगी। कांग्रेस की दृष्टि से देखें तो हरिद्वार सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की साख दांव पर है, जहां से उनके पुत्र वीरेंद्र रावत प्रत्याशी हैं। इसके अलावा गढ़वाल संसदीय सीट पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और अल्मोड़ा सीट से पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा मैदान में हैं।
बुधवार को लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। अभी तक नामांकन के अवसर पर ही प्रत्याशी शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन नाम वापसी के बाद एक अप्रैल से राज्य में चुनाव प्रचार गति पकड़ेगा। यहां चोटी से तलहटी तक और गांव से शहर तक वादों व दावों की बयार बहेगी। इसके लिए राजनीतिक दलों ने चुनावी सभाओं, रोड शो समेत अन्य कार्यक्रम निर्धारित कर लिए हैं, जिन्हें अब धरातल पर उतारा जाएगा। साथ ही राजनीतिक दल अपने स्टार प्रचारकों के कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  कांग्रेस ने नगर निकाय चुनाव प्रबंधन के लिए गढ़वाल व कुमाऊं मंडल में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की

Select Language

Advertisement