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जो गणेश जी को मानता है वो उसके विघ्न को हरण कर लेते है : उमेश चंद्र शास्त्री

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हरिद्वार- सनातन ज्ञान पीठ शिव मंदिर सेक्टर 1भेल् हरिद्वार मै चल रही आठवें दिवस की शिव महापुराण कथा मे श्री धाम वृन्दावन से परम पूज्य उमेश चंद्र शास्त्री ने बताया की गणेश जी विघ्नहर्ता भी है।जो गणेश जी को मानता है वो उसके विघ्न को हरण कर लेते है ओर जो लोग उनको भूल जाते है उनके जीवन मे विघ्न डाल देते है।इसलिए जीवन मे विघ्न को मिटाने के लिए गणपति की आराधना करनी चाहिए।क्योकि भगवान शिव का ऐसा दरबार है जहाँ पर पूरे परिवार की पूजा होती ओर।नहीं तो ऐसा कोई देव नहीं ओर जिसके पूरे परिवार की पूजा होती है।

भगवान शिव की पूजा,माँ पार्वती की पूजा,उनके दोनो पुत्र गणेश ओर कार्तिकेय की पूजा इतना हि नहीं उनके पुत्र वधु रिद्धि और सिद्धि की पूजा ओर तो ओर उनके पोतो शुभ ओर लाभ की पूजा होती है। शिव दरबार इतना ही नही शिव के यहा कभी वैमनस्यता नही होती भगवान शिव का अपना वाहन क्या है-बैल,ओर माँ का वाहन क्या है-शेर्।शेर बैल को देख लेगा तो छोड़ेगा क्या पर दोनो प्रेम से रहते है ओर भगवान शिव के गले मे क्या है-सर्प् ,बड़े पुत्र का वाहन क्या क्या है-मोर्।तो बताओ मोर सर्प को देख लेगा तो छोड़ेगा क्या।भगवान शिव के गले मे ही सर्प ओर छोटे बेटे का वाहन क्या है -चूहा।सर्प चूहें को देख ले तो छोड़ेगा क्या पर शिव दरबार मे आपस मे कभी तू-तू ,मै-मै नही हो और तो ओर भगवान शिव के माथे पे क्या है-चंद्रमा। चंद्रमा माने अमृत और शिव के कंठ मै क्या है-विष। तो जहां सर्प मोर एक साथ रहते हैं जहां सर्प चूहे के साथ रहता है जहां बेल और शेर एक साथ रहते हैं जहां अमृत और विष एक साथ रहते हैं वो ही है शिव दरबार। शिव दरबार में कभी विषमता नहीं होती ऐसे ही मानव को अपने परिवार में समता लाने के लिए विचार करना होगा शिवा कथा सुननी होगी और शिव दर्शन करना शुरू करना होगा। शिव परिवार के दर्शन से मिटती है परिवार की दूरियां।
कथा में मंदिर सचिव ब्रिजेश शर्मा कथा के मुख्य यजमान राजीव ओर मीनाक्षी,जयप्रकाश,आदित्य गहलोत,राकेश मालवीय,रामकुमार,तेजप्रकाश,दिलीप गुप्ता,अनिल चौहान,सुनील चौहान,महेश,दीपक मोर,शशि शर्मा,ऋषि,संजीव,मोहित शर्मा,सुरेश पाठक, विष्णु,मानदाता,होशियार सिंह,चंद्रभान,दिनेश उपाध्याय, मूला सिंह, अलका, संतोष, पुष्पा, कुसुम, सरला, अंजू,मंजू, डोली,विभा गौतम ,भावना, अनपूर्णा, राजकिशोरी मिश्रा,रेनू शर्मा,अर्चना,कौशल्या,सुमन विनोद देवी अनेको श्रोता उपस्थित रहे।

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