Connect with us

देहरादून

पुरानी यादों में खोए IAS दीपक रावत: अपने ही स्कूल में मुख्य अतिथि बन हुए भावुक

Published

on

खबर शेयर करें 👉

कुमाऊँ आयुक्त और मुख्यमंत्री सचिव दीपक रावत अपने पुराने स्कूल सीजेएम हैम्पटन कोर्ट के वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। छात्रों को दिए सफलता के मंत्र।

मसूरी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के सचिव और कुमाऊँ मंडल के आयुक्त श्री दीपक रावत के लिए शुक्रवार का दिन बेहद खास रहा। वे मसूरी स्थित अपने पुराने विद्यालय सीजेएम हैम्पटन कोर्ट के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह 2026 में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। जिस स्कूल की दहलीज पर उन्होंने कभी ककहरा सीखा था, वहां मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचकर वे भावुक नजर आए। इस दौरान उन्होंने पुरानी यादें साझा करते हुए विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के मूल मंत्र दिए।
समारोह का आयोजन “शांति और संस्कृति” विषय पर किया गया था, जिसका शुभारंभ दीप प्रज्वलन और प्रार्थना के साथ हुआ। कार्यक्रम में एलकेजी से लेकर बारहवीं कक्षा तक के मेधावी छात्रों को उनकी शैक्षणिक और खेलकूद की उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। कक्षा दसवीं के छात्रों द्वारा युद्ध की विभीषिका पर प्रस्तुत ‘माइम एक्ट’ ने उपस्थित लोगों को शांति के महत्व का सशक्त संदेश दिया, जिसे आयुक्त ने विशेष रूप से सराहा।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए दीपक रावत ने कहा कि सच्ची शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमें एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाती है। उन्होंने वर्तमान डिजिटल युग की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए छात्रों को मोबाइल फोन का समझदारी से उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक का उपयोग सीखने के लिए करें, न कि अपना कीमती समय व्यर्थ करने के लिए।
दीपक रावत ने बच्चों को वास्तविक दुनिया से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि हमें समय निकालकर पैदल चलना चाहिए और प्रकृति व समाज के बीच रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि “शांति और संस्कृति” केवल शब्द नहीं हैं, बल्कि यह हमारे जीवन का आधार होने चाहिए। इस दौरान विद्यालय की प्रधानाचार्या सिस्टर आइवी और सुपीरियर सिस्टर अनीता मैथ्यू ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और उनके व्यक्तित्व को छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

Select Language

Advertisement