देहरादून
राहुल गांधी की देहरादून रैली: पेपर लीक और NEET पर मचेगा ‘छात्रों की गूंज’ का शोर, जानें पूरा शेड्यूल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज देहरादून के बन्नू स्कूल ग्राउंड में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। जानिए इस कार्यक्रम का पूरा टाइम-टेबल और मुख्य एजेंडा।
देहरादून। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज यानी शुक्रवार को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में युवाओं से सीधा संवाद करने पहुंच रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के देशव्यापी अभियान ‘छात्रों की गूंज’ के तहत इस बड़े कार्यक्रम का आयोजन देहरादून के बन्नू स्कूल ग्राउंड में किया जा रहा है। इस संवाद कार्यक्रम में देश और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की कमियों, लगातार हो रहे पेपर लीक और NEET परीक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर चर्चा होने की उम्मीद है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी आज शाम लगभग 4:00 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां से वे सीधे राजपुर रोड स्थित एक निजी होटल के लिए रवाना होंगे। इसके बाद शाम 7:00 बजे वे बन्नू स्कूल ग्राउंड में बने मंच से करीब 15 हजार छात्र-छात्राओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। संबोधन के बाद राहुल गांधी रात करीब 9:00 बजे दिल्ली के लिए वापस रवाना हो जाएंगे।
इस कार्यक्रम के आयोजन स्थल को लेकर देहरादून में काफी राजनीतिक घमासान भी देखने को मिला। पहले यह रैली ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में आयोजित होनी थी, लेकिन प्रशासन द्वारा अंतिम समय में अनुमति रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस को नया स्थान चुनना पड़ा। विपक्ष का आरोप है कि राज्य सरकार राहुल गांधी के इस छात्र संवाद कार्यक्रम से घबरा गई है और जानबूझकर इसमें रुकावटें पैदा की गईं। हालांकि, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर युवाओं की आवाज दबने नहीं देंगे।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि उत्तराखंड में यूकेएसएसएससी (UKSSSC) और पटवारी भर्ती जैसी परीक्षाओं में सामने आए घोटालों के बाद से प्रदेश के युवाओं में भारी आक्रोश है। राहुल गांधी राजस्थान के कोटा की तर्ज पर डिजिटल तकनीक और पीपीटी (PPT) के माध्यम से इन गंभीर विषयों पर अपनी बात रखेंगे। राहुल गांधी का लक्ष्य युवाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और देश की शिक्षा प्रणाली में जरूरी सुधारों के लिए मिलकर संघर्ष करना है।
