उत्तराखण्ड
केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह 8 बजे खुलेंगे: भव्य केदारपुरी भक्तों के स्वागत को तैयार
विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह 8 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए खुल रहे हैं। मंदिर को फूलों से भव्य रूप में सजाया गया है। जानें दर्शन और नई सुविधाओं की पूरी जानकारी।
देहरादून। हिमालय की गोद में स्थित सुप्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट आज बुधवार सुबह ठीक 8:00 बजे देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। छह महीने की शीतकालीन समाधि के बाद भगवान आशुतोष अपने भक्तों को दर्शन देंगे। इस पावन अवसर के लिए पूरी केदारपुरी को दिव्य और भव्य रूप में सजाया गया है। ऋषिकेश की पुष्प सेवा समिति द्वारा मंदिर को हजारों क्विंटल फूलों से सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
कपाट खुलने के शुभ अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहेंगे। परंपरा के अनुसार, मंदिर में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की जाएगी, जिसमें विश्व कल्याण की कामना की जाएगी। पहले दिन कपाट खुलने के साथ ही हजारों श्रद्धालु अखंड ज्योति के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करेंगे। प्रशासन और बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुव्यवस्थित दर्शन के व्यापक इंतजाम किए हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस वर्ष केदारनाथ धाम में कई नए बदलाव किए गए हैं। यात्रियों के लिए एक भव्य ‘आस्था पथ’ तैयार किया गया है, जिससे उन्हें बारिश या खराब मौसम में लाइन में खड़े होने पर परेशानी नहीं होगी। इसके अलावा, मंदिर परिसर के पास पहली बार व्यवस्थित ‘शू-काउंटर’ और ‘मोबाइल लॉकर’ की सुविधा शुरू की जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए इस बार स्वास्थ्य विभाग अपने नवनिर्मित सरकारी भवन से अस्पताल का संचालन करेगा।
मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि मंदिर के भीतर रील बनाने, वीडियो शूट करने और अनावश्यक व्यवधान पैदा करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। यात्रियों से अपील की गई है कि वे धाम की मर्यादा और अनुशासन बनाए रखें। गर्भगृह में दर्शन की व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और मंदिर समिति के कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
केदारनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। पैदल मार्ग से लेकर धाम तक यात्रियों की भारी आवाजाही शुरू हो गई है। प्रशासन ने यात्रियों से मोबाइल के बजाय आध्यात्मिक अनुभव पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया है। बाबा केदार के दर्शन के लिए उमड़ रही यह भीड़ उत्तराखंड की चारधाम यात्रा की सफलता का प्रतीक है।
