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उत्तराखंड पुलिस

हल्द्वानी में इंजीनियर और देहरादून में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल के संविदा कर्मचारी रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार

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हल्द्वानी। विद्युत यांत्रिक खंड लोक निर्माण विभाग भीमताल के सहायक अभियंता दुर्गेश पंत को विजिलेंस की टीम ने 10,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
पुलिस उपाधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी अनिल सिंह मनराल ने बताया कि एक ठेकेदार ने शिकायत दर्ज की थी कि उसकी ओर से विद्युत यांत्रिकी खंड लोनिविभाग भीमताल में कोटेशन कार्यादेश के आधार पर तीन लाख रुपये का कार्य उच्च न्यायालय आवासीय परिसर में किया था। इसके भुगतान के एवज में सहायक अभियंता 10,000 रुपये मांग रहा था।
सतर्कता अधिष्ठान के हल्द्वानी सेक्टर के निरीक्षक भानु प्रकाश आर्य के नेतृत्व में विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को हल्द्वानी तिकोनिया स्थित अधीक्षण अभियंता लोनिवि के कार्यालय परिसर से सहायक अभियंता दुर्गेश पंत को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
वहीं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल के संविदा कर्मचारी को पुलिस उसके साथी समेत ढाई हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में पकड़ा है। आरोपी हरिद्वार निवासी एक व्यक्ति की शिकायत का निस्तारण करने के लिए यह रकम मांग रहे थे। इसके लिए संविदा कर्मचारी ने अपने खाते का क्यूआर कोड भी पीड़ित तक पहुंचाया था। राजपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसएसपी अजय सिंह को मिली एक गोपनीय शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि इस शिकायत की प्राथमिक जांच के लिए एसओजी को जिम्मेदारी दी गई थी। पता चला कि मनोज ठकराल हरिद्वार के गुरुकुल नारसन में एक रेस्टोरेंट में मैनेजर के पद पर काम कर रहे थे। लेकिन, रेस्टोरेंट संचालक ने मनोज का तय वेतन नहीं दिया। इस पर उन्होंने श्रमायुक्त कार्यालय रुड़की में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन, कोई कार्रवाई न होने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 पर भी शिकायत दर्ज करा दी। इसके बाद उन्हें शैलेंद्र गुसाईं नाम के व्यक्ति ने खुद को सीएम हेल्पलाइन का कर्मचारी बताते हुए कॉल की। उसने कहा कि उनकी शिकायत का निस्तारण हो जाएगा लेकिन इसके लिए 2500 रुपये देने होंगे।
शैलेंद्र ने मनोज ठकराल को व्हाट्सएप पर एक क्यूआर कोड भी भेज दिया। एसओजी ने गोपनीय जांच के आधार पर पाया कि यह क्यूआर कोड शैलेंद्र का नहीं बल्कि किसी और के खाते का है। इसके बाद सच्चाई सामने आई कि क्यूआर कोड शुभम आनंद नाम के युवक का है। शुभम आनंद मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में संविदा पर तैनात है। उसी ने शैलेंद्र गुसाईं को मनोज ठकराल का मोबाइल नंबर भेजा था। ताकि वह उससे बात कर रिश्वत मांग सके।
एसएसपी ने बताया कि इस मामले में सब इंस्पेक्टर आदित्य सैनी की तहरीर के आधार पर राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस इस बात की भी जानकारी कर रही है कि कहीं किसी अन्य व्यक्ति के साथ तो इस तरह की ठगी नहीं हुई है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
शुभम आनंद मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में गत छह महीने से काम रहा है। वह इस वक्त कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव के पद पर है। उसका वेतन 10500 रुपये प्रति माह है। शुभम आनंद माउंट व्यू कॉलोनी आईटी पार्क का रहने वाला है। जबकि, उसका साथी शैलेंद्र गुसाईं कैनाल रोड, गुमानीवाला, ऋषिकेश का रहने वाला है। वह इस वक्त टूर एंड ट्रैवल व प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। आरोपियों ने कुछ समय पहले इस तरह की योजना बनाई थी। एसएसपी ने अपील की है कि यदि किसी ने इस प्रकार से रिश्वत दी है तो वह भी पुलिस को शिकायत कर सकता है।

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