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नैनीताल

कुमाऊं कमिश्नर का उद्यान विभाग पर छापा, बीजों की गुणवत्ता पर उठे सवाल

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भीमताल: कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने भीमताल में उद्यान विभाग के आउटलेट सेंटर पर छापा मारकर हड़कंप मचा दिया। आउटलेट में मिली गड़बड़ियों के चलते कमिश्नर ने आउटलेट को सील कर दिया।
क्या थीं गड़बड़ियां?
कमिश्नर को सूचना मिली थी कि उद्यान विभाग किसानों को खराब गुणवत्ता वाले बीज बांट रहा है। अपनी शंकाओं को दूर करने के लिए उन्होंने भीमताल के उद्यान विभाग के आउटलेट सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि:
* मटर के बीज की गुणवत्ता खराब: आउटलेट में रखे मटर के बीज की गुणवत्ता बहुत खराब थी। बीजों पर 2023 का वर्ष लिखा हुआ था, लेकिन बारकोड स्कैन नहीं हो रहा था।
* बीज प्रमाणीकरण में गड़बड़ी: बीजों का प्रमाणीकरण भी सही नहीं पाया गया।
* पैकेजिंग में गड़बड़ी: 20 किलो के पैकेट में 40 किलो बीज पैक किए गए थे।
अधिकारियों के जवाब संतोषजनक नहीं
उद्यान विभाग के अधिकारी कमिश्नर के सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने बीज खरीदने के पूरे दस्तावेज और बीज वितरक की विस्तृत जानकारी देने के निर्देश दिए।
कमिश्नर का सख्त रुख
कमिश्नर दीपक रावत ने कहा कि किसानों को खराब गुणवत्ता वाले बीज नहीं दिए जा सकते। मुख्यमंत्री ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आउटलेट सील
कमिश्नर ने जांच पूरी होने तक आउटलेट को सील करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले बीज मिल रहे हैं, तब तक आउटलेट खोला नहीं जाएगा।
नैनीताल जिले में 40 क्विंटल बीज मंगाया गया
मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. रजनीश सिंह ने बताया कि नैनीताल जिले के लिए 40 क्विंटल मटर का बीज मंगाया गया था। जिसमें से 14 क्विंटल वितरण केंद्रों को भेजा जा चुका है। शेष 26 क्विंटल अभी भी गोदाम में पड़ा हुआ है।
क्या हैं इस घटना के मायने?
यह घटना दर्शाती है कि सरकारी विभागों में अभी भी भ्रष्टाचार और लापरवाही व्याप्त है। किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले बीज नहीं मिलने से उनकी फसल बर्बाद हो सकती है और उन्हें आर्थिक नुकसान हो सकता है। इस घटना ने सरकार पर किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए और अधिक सख्त कदम उठाने का दबाव बढ़ाया है।
आगे का रास्ता
सरकार को इस मामले की गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही, बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत व्यवस्था बनानी चाहिए। किसानों को जागरूक किया जाना चाहिए कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही बीज खरीदें।

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