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अल्मोड़ा जागेश्वर में बैल की मौत पर छिड़ा मालिकाना हक का विवाद, जंगल में लगी आग

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अल्मोड़ा: उत्तराखंड के अल्मोड़ा में एक अनोखी घटना ने सबको हैरान कर दिया है। यहां एक बैल की मौत के बाद उसके कई मालिक सामने आ गए हैं। दरअसल, यह बैल पिछले चार साल से लावारिस घूम रहा था और हाल ही में गुलदार के हमले में मारा गया।
जागेश्वर के आरतोला गांव में रहने वाला यह बैल पहले एक ग्रामीण के पास था। लेकिन कुछ साल पहले इसने अपने मालिक को सींग मार दिया था जिसके बाद उसे घर से निकाल दिया गया था। तब से यह बैल इधर-उधर घूमता रहता था। जब गुलदार ने इस पर हमला किया तो वन विभाग के नियमों के अनुसार, मृत पशु के मालिक को मुआवजा मिलना था। लेकिन इस बैल के कई मालिक होने के कारण मुआवजे को लेकर विवाद शुरू हो गया।
ग्रामीणों में मुआवजे को लेकर मारामारी का माहौल बन गया। वन विभाग भी इस मामले में असमंजस में पड़ गया। जांच के बाद पता चला कि बैल पिछले चार साल से लावारिस था। ऐसे में वन विभाग ने किसी को भी मुआवजा देने से इनकार कर दिया।

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जंगल में लगी आग:
इसी बीच, अल्मोड़ा में जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। हाल ही में कालापाथरी वन पंचायत के जंगल में आग लग गई थी। वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
मुख्य बिंदु:
* अल्मोड़ा में एक बैल की मौत पर मालिकाना हक का विवाद
* बैल पिछले चार साल से लावारिस था
* गुलदार के हमले में मारा गया
* मुआवजे को लेकर ग्रामीणों में विवाद
* वन विभाग ने किसी को भी मुआवजा देने से इनकार किया
* कालापाथरी वन पंचायत में लगी आग

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