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उत्तराखंड पुलिस

उत्तराखण्ड एसटीएफ का साइबर अपराधियों पर “ऑपरेशन प्रहार”, डिजिटल अरेस्ट स्कैम के 6 शातिर अपराधी गिरफ्तार

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देहरादून: उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने साइबर अपराधों के खिलाफ “ऑपरेशन प्रहार” के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए डिजिटल अरेस्ट स्कैम में शामिल 6 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां दक्षिण भारत के तीन राज्यों – आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में की गईं।


डिजिटल अरेस्ट स्कैम के दो मामलों का खुलासा
एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस टीम ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम के दो मामलों और एक अन्य धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई करते हुए इन अपराधियों को पकड़ा है। पहले मामले में, रुड़की की एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी को उनके पति के खाते में मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर 32.31 लाख रुपये ठगे गए। दूसरे मामले में, शिकायतकर्ता को सीबीआई अधिकारी बनकर फोन किया गया और नरेश गोयल नाम के व्यक्ति के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने की धमकी देकर 23 लाख रुपये ठगे गए। तीसरे मामले में, देहरादून की एक कार कंपनी के अकाउंटेंट को कंपनी के मालिक बनकर 38 लाख रुपये ठगे गए।
अपराध का तरीका
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट एक ऐसा तरीका है जिसमें जालसाज लोगों को उनके घरों में ही फंसाकर उनसे धोखाधड़ी करते हैं। ये जालसाज फोन या वीडियो कॉल के जरिए डर पैदा करते हैं और खुद को सीबीआई, मुंबई क्राइम ब्रांच, नारकोटिक्स डिपार्टमेंट, साइबर क्राइम, आईटी या ईडी अधिकारी बताकर लोगों को फंसाते हैं।
गिरफ्तार अपराधी और बरामदगी
गिरफ्तार किए गए अपराधियों में सथुलुरी सिन्धू, मुव्वा भार्गव, पी. मणिकंदन, अकुला अरुण, बालाजी जीवी और कुमार शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, बैंक खाते के एसएमएस अलर्ट नंबर, चेक बुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि बरामद किए हैं।
जनता से अपील
एसएसपी नवनीत सिंह ने जनता से अपील की है कि वे डिजिटल अरेस्ट जैसे स्कैम से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकारी एजेंसी व्हाट्सएप के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। उन्होंने लोगों से ऐसे किसी भी कॉल या मैसेज की शिकायत एसटीएफ या साइबर थाने में करने की अपील की है।
साइबर अपराध से बचने के उपाय
एसटीएफ ने लोगों को साइबर अपराध से बचने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं:

  • किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें।
  • अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
  • साइबर अपराध की शिकायत 1930 साइबरक्राइम हेल्पलाइन या www.cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं।
    एसटीएफ की इस कार्रवाई से साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने जनता को जागरूक करते हुए कहा है कि वे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहें।
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