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देहरादून में ट्रैफिक समस्या का हल: नितिन गडकरी ने जताई डबल डेकर बस चलाने की इच्छा

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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या को देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अनूठा समाधान सुझाया। मंगलवार को ग्राफिक एरा डीम्ड विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा कि दून शहर में जाम की समस्या को देखते हुए उनका सपना है कि यहां हवा में चलने वाली डबल डेकर बस चलाई जाए, जिसमें करीब डेढ़ सौ लोग एक साथ सफर कर सकें। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस प्रस्ताव को तैयार कर भेजने को कहा है।

गडकरी ने कहा कि हमें समस्या को समस्या मानकर झेलने के बजाय समाधान खोजना होगा। उन्होंने कहा कि जो लोग अवसरों को समस्या बना देते हैं, उनसे बचना चाहिए और समस्या को अवसर में बदलना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने फाइनेंशियल ऑडिट की तर्ज पर परफॉर्मेंस ऑडिट को भी जरूरी बताया और कहा कि जो परफॉर्म नहीं करते, उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए।

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समारोह में ग्राफिक एरा ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला ने भी देहरादून में ट्रैफिक जाम की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि 2012 में बने छोटे फ्लाईओवरों के कारण हादसे हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से फ्लाईओवर चौड़ीकरण की मांग की।

गडकरी ने चुटकी लेते हुए कहा कि वे इंजीनियरिंग के छात्र नहीं बन पाए थे, लेकिन आज एनएचएआई के इंजीनियर उन्हें एक्सपर्ट मानते हैं। इसी सोच से सात वर्ल्ड रिकॉर्ड बने हैं।

समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि से अलंकृत किया गया। इसके अलावा, ग्राफिक एरा ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन डॉ. राखी घनशाला को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की मानद उपाधि दी गई।

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दीक्षांत समारोह में वर्ष 2024 बैच के 3,142 छात्र-छात्राओं और शोधार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 2,307 को ग्रेजुएट, 798 को पोस्ट ग्रेजुएट और 37 को पीएचडी की उपाधि मिली। 46 विद्यार्थियों को स्वर्ण, 44 को रजत और 46 को कांस्य पदक दिए गए।

समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, ब्रह्मोस के पूर्व सीईओ डॉ. सुधीर मिश्रा, यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत समेत अनेक विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।

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