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नई दिल्ली

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आज रात: जानिए समय, महत्व और उपाय

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आज रात भारतीय समयानुसार साल का आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण (ब्लड मून) लगने जा रहा है। इस खगोलीय घटना के दौरान चांद का रंग दूधिया न होकर लाल दिखाई देगा। लालिमा की यही छटा इसे ब्लड मून का नाम देती है। खगोल विज्ञान और ज्योतिष दोनों दृष्टिकोण से यह ग्रहण महत्वपूर्ण है।
चंद्र ग्रहण का समय
• ग्रहण की शुरुआत: 7 सितंबर रात 09:58 बजे
• पूर्ण ग्रहण (उच्च काल): रात 11:41 बजे
• ग्रहण की समाप्ति: 8 सितंबर रात 01:26 बजे
• सूतक काल: दोपहर 12:56 बजे से लेकर ग्रहण खत्म होने तक
क्या नंगी आंखों से देख सकते हैं?
अक्सर लोग सवाल करते हैं कि क्या चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित है। इसका उत्तर है—हां। चंद्र ग्रहण को बिना किसी उपकरण के भी सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है।
चंद्र ग्रहण का ज्योतिषीय महत्व
यह ग्रहण पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र और कुंभ राशि में घटित होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण काल का प्रभाव विभिन्न राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। इस समय में धार्मिक कार्य और पूजा-पाठ वर्जित माने जाते हैं, लेकिन मंत्रजाप करना शुभ रहता है।
सूतक काल और परंपराएं
ग्रहण लगने से पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस अवधि में मंदिरों के पट बंद रहते हैं और भोजन बनाने या खाने पर रोक होती है। हालांकि, मंत्रजाप, ध्यान और दान-पुण्य करना फलदायी माना जाता है।
राशिनुसार उपाय
• मेष: हनुमान जी की उपासना, सुंदरकांड पाठ
• वृषभ: शिव पूजन, महामृत्युंजय मंत्र जप
• मिथुन: “ॐ नमो नारायणाय” का जप
• कर्क: सफेद वस्तुओं का दान
• सिंह: अनाज दान, सूर्य मंत्र जाप
• कन्या: दुर्गा सप्तशती पाठ
• तुला: चावल दान, लक्ष्मी पूजन
• वृश्चिक: हनुमान चालीसा का पाठ
• धनु: बूंदी का भोग, चालीसा पाठ
• मकर: शनि मंदिर में तेल अर्पण
• कुंभ: काली वस्तुओं का दान
• मीन: विष्णु सहस्रनाम पाठ
किन राशियों को रहेगा विशेष प्रभाव
• वृषभ: स्वास्थ्य व व्यापार में बाधा, सफेद वस्त्र-दान करें
• तुला: तनाव और निवेश से हानि संभव, देवी लक्ष्मी की पूजा करें
• कुंभ: सबसे अधिक प्रभाव, पारिवारिक व स्वास्थ्य संबंधी चिंता, महामृत्युंजय मंत्र जप करें

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