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अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़

चौखुटिया में विशेषज्ञ डॉक्टरों की मांग पर आंदोलन तेज, अनशनकारी को पुलिस ने उठाया

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चौखुटिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चौखुटिया में विशेषज्ञ डॉक्टरों और आवश्यक संसाधनों की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन बुधवार को और तेज हो गया। रामगंगा घाट पर चल रहे जल सत्याग्रह और आमरण अनशन के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच जमकर खींचतान हुई। स्वास्थ्य उपनिदेशक कुमाऊं डॉ. केके पांडे के लिखित आश्वासन के बावजूद आंदोलनकारियों ने अपना विरोध समाप्त करने से इंकार कर दिया।
शाम होते-होते हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंदोलन संयोजक और सात दिन से आमरण अनशन पर बैठे भुवन कठायत को जबरन उठाकर रानीखेत अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस कार्रवाई के दौरान समर्थकों में आक्रोश फैल गया। इससे पहले बुधवार सुबह पूर्व सैनिक हीरा सिंह पटवाल ने रामगंगा नदी में उतरकर जल सत्याग्रह शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक टीम ने उन्हें पकड़ लिया, जिससे वहां अफरा-तफरी और गुत्थमगुत्थी की स्थिति बन गई।
आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक सीएचसी चौखुटिया में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती नहीं होती और संसाधनों की कमी दूर नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
नौ सीएचसी में सिर्फ एक विशेषज्ञ डॉक्टर
अल्मोड़ा। चौखुटिया ही नहीं, बल्कि पूरे अल्मोड़ा जिले के नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, सभी नौ सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों के छह-छह पद स्वीकृत हैं — जिनमें फिजीशियन, सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक और पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ शामिल हैं। लेकिन वर्तमान में केवल एक सीएचसी में ही विशेषज्ञ डॉक्टर कार्यरत हैं।
इस वजह से मरीजों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय या हल्द्वानी के बड़े अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर जनता और जनप्रतिनिधियों में रोष बढ़ता जा रहा है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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