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हरिद्वार में पशुप्रेमियों का हल्लाबोल: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ निकाली रैली

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हरिद्वार में सुप्रीम कोर्ट के स्ट्रीट डॉग्स संबंधी आदेश के खिलाफ पशुप्रेमियों ने जबरदस्त रैली निकाली। जानें देवभूमि बधिर एसोसिएशन ने क्यों जताया विरोध।

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में रविवार को पशु अधिकारों के लिए एक बड़ी मुहिम देखने को मिली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सार्वजनिक स्थलों से ‘स्ट्रीट डॉग्स’ को हटाकर शेल्टर होम भेजने के हालिया आदेश के खिलाफ सैकड़ो पशुप्रेमियों ने हुंकार भरी। देवभूमि बधिर एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित इस जबरदस्त रैली में प्रदर्शनकारियों ने अदालती आदेश को अव्यावहारिक और अमानवीय करार दिया।
रैली का आगाज शहर के व्यस्त चंद्राचार्य चौक से हुआ, जहाँ बड़ी संख्या में पशु प्रेमी एकत्रित हुए। यहाँ से प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए ऋषिकुल पहुंचे और करीब एक घंटे तक जोरदार हंगामा किया। पशुप्रेमियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर “आवारा नहीं हमारा है” और “बेजुबानों का हक मत छीनो” जैसे स्लोगन लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे इन बेजुबानों के अधिकारों के लिए किसी भी हद तक जाएंगे।
देवभूमि बधिर एसोसिएशन की प्रदेश प्रवक्ता सोनिया अरोड़ा ने इस दौरान मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश अन्यायपूर्ण है। सोनिया के अनुसार, “कुत्ता जहाँ जन्म लेता है, वही उसका घर होता है। उन्हें वहां से विस्थापित करना उनकी प्रकृति के विरुद्ध है।” उन्होंने चेतावनी भी दी कि डॉग्स को हटाने से प्लेग जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है और सरकार के पास पर्याप्त बुनियादी ढांचा भी नहीं है।
प्रदर्शन में शामिल डिंपी अरोड़ा और निशा अग्रवाल ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को अपराध नियंत्रण पर ध्यान देना चाहिए, न कि बेजुबान जानवरों को परेशान करने पर। आज सरकारी अवकाश होने के कारण ज्ञापन नहीं सौंपा जा सका। संगठन अब कल यानी सोमवार को राष्ट्रपति के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपेगा ताकि इस आदेश पर पुनर्विचार किया जा सके।
इस विरोध प्रदर्शन में ऋषभ गुप्ता, प्रीति कौशिक, हिमानी मेहता, सत्यदेव राठी, और जनहित दिव्यांग सेवा समिति के सदस्यों सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि निराश्रित पशुओं की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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