नैनीताल
रामनगर में खनन माफिया का दुस्साहस: वन विभाग की टीम पर डंपर चढ़ाने का प्रयास, दरोगा घायल
रामनगर की कोसी नदी में अवैध खनन रोकने गई वन विभाग की टीम पर डंपर चालकों ने हमला कर दिया। एक वन दरोगा घायल, 7 डंपर छुड़ा ले गए आरोपी। पुलिस में केस दर्ज।
रामनगर। एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ कोसी नदी में सोमवार को अवैध रूप से खनन करने गए डंपर चालकों ने चेकिंग करने पहुंची वन विभाग की टीम को कुचलने का प्रयास किया। इस जानलेवा हमले के दौरान चार वन दरोगा समेत कुल 10 वन कर्मियों की जान बाल-बाल बची। हालांकि, तेज गति से आ रहे डंपर से खुद को बचाते समय एक वन दरोगा गंभीर रूप से चोटिल हो गए हैं।
तराई पश्चिम वन प्रभाग की एसडीओ (SDO) किरन शाह ने बताया कि कोसी नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण बीते शनिवार से ही कालूसिद्ध और खड़ंजा गेट को पूरी तरह बंद किया गया था। इसके बावजूद सोमवार को कुछ वाहनों के अवैध रूप से नदी में घुसने की गोपनीय सूचना मिली थी। इस सूचना पर वन दरोगा वीरेंद्र पांडे के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम डंपरों को पकड़ने के लिए मौके पर पहुंची थी।
वन विभाग की टीम को देखते ही खनन माफिया में हड़कंप मच गया और आरोपी चालकों ने डंपरों को तेज गति से भगाकर ड्यूटी पर तैनात कर्मियों पर चढ़ाने का प्रयास किया। अदम्य साहस दिखाते हुए टीम ने मौके पर 10 डंपरों को रोक लिया। लेकिन इसके बाद आरोपी खनन माफिया वन कर्मियों से धक्का-मुक्की और अभद्रता करते हुए जबरन सात डंपर छुड़ाकर फरार हो गए। डंपर की चपेट में आने से वन दरोगा वीरेंद्र पांडे के हाथ में गंभीर चोटें आई हैं।
इस दुस्साहसिक घटना के विरोध में आक्रोशित वन कर्मचारियों ने कालूसिद्ध गेट को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का ऐलान कर दिया है। वन विभाग ने इस पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ नामजद पुलिस तहरीर सौंप दी है। डीएफओ (DFO) के मुताबिक, टीम पर हमला करने वाले और जबरन छुड़ाए गए सभी सातों डंपरों की पहचान कर ली गई है और नियमों का उल्लंघन करने पर इन सभी वाहनों का रजिस्ट्रेशन स्थायी रूप से रद किया जाएगा।
