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ऋषिकेश-देवप्रयाग मार्ग पर बड़ा हादसा: बंजी जंपिंग के बाद बिगड़ी तबीयत, युवक की मौत
देहरादून के 21 वर्षीय युवक लक्ष्य रस्तोगी की देवप्रयाग के पास बंजी जंपिंग करने के तुरंत बाद मौत हो गई। डॉक्टरों ने सिंकोप अटैक या कार्डियक स्ट्रोक की आशंका जताई है।
देवप्रयाग। उत्तराखंड के देवप्रयाग क्षेत्र से एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीनों को डरा देने वाली एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। श्रीनगर में मां धारी देवी के दर्शन कर अपने परिजनों के साथ वापस लौट रहे देहरादून के एक 21 वर्षीय युवक की बंजी जंपिंग करने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बंजी जंपिंग का रोमांचक सफर पूरा करते ही युवक को अचानक पेट और सीने में तेज दर्द के साथ सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही युवक ने दम तोड़ दिया, जिससे परिवार में कोहराम मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देहरादून के शांति विहार (कालागढ़) निवासी संजीव रस्तोगी का 21 वर्षीय बेटा लक्ष्य रस्तोगी अपने परिवार के साथ देवप्रयाग मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान मूल्यगांव के पास स्थित एक प्रसिद्ध बंजी जंपिंग पॉइंट पर पहुंचकर लक्ष्य ने जंपिंग करने की इच्छा जताई। परिजनों की सहमति मिलने के बाद वह अलकनंदा नदी के ऊपर बने प्लेटफॉर्म से बंजी जंपिंग के लिए गया। रोमांचक जंप पूरी कर जब वह वापस ऊपर आया, तो अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसने असहनीय दर्द की शिकायत की।
बेटे की हालत बिगड़ती देख घबराए परिजनों ने तुरंत पास के ही रामकुंड लॉज में एक कमरा लिया ताकि उसे आराम मिल सके। हालांकि, कुछ ही देर में दर्द इतना बढ़ गया कि लक्ष्य अचानक बेहोश हो गया। परिजन आनन-फानन में रात करीब नौ बजे उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बागी, पाली पहुंचे। अस्पताल के प्रभारी डॉ. आकाश दीप ने बताया कि जब युवक को लाया गया तो उसकी नब्ज (पल्स) पूरी तरह बंद थी। डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने के लिए तुरंत सीपीआर (CPR) भी दिया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, प्राथमिक जांच के आधार पर मौत की वजह सिंकोप अटैक (अचानक दिल की धड़कन रुकना या बेहोश होना) या कार्डियक स्ट्रोक हो सकती है। एडवेंचर स्पोर्ट्स के दौरान अत्यधिक एड्रेनालाईन रश (Adrenaline Rush) और अचानक बढ़ा डर कई बार दिल पर भारी दबाव डालता है। देवप्रयाग थाना पुलिस के अनुसार, फिलहाल इस मामले में परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत या सूचना नहीं दी गई है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर एडवेंचर स्पोर्ट्स के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा और मेडिकल फिटनेस पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
