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हल्द्वानी

हरिद्वार में गरजे स्वतंत्रता सेनानी परिवार: “पाठ्यक्रम में शामिल हो क्रांतिकारियों का इतिहास”

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हरिद्वार में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति का 37वां अभियान। CDO डॉ. ललित नारायण मिश्र ने बच्चों को क्रांतिकारियों की गाथाएं सुनाने पर दिया जोर।

हरिद्वार। धर्मनगरी में देशभक्ति की बयार एक बार फिर उस समय तेज हो गई जब ‘स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति’ ने अपने विशेष अभियान के 37वें रविवार को भव्य कार्यक्रम आयोजित किया। “हर महीने प्रथम रविवार दस बजे दस मिनट” अभियान के तहत ज्वालापुर स्थित अमर शहीद जगदीश वत्स पार्क में ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ शहीदों को नमन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी (CDO) डॉ. ललित नारायण मिश्र ने शिक्षा व्यवस्था और इतिहास के प्रति गंभीर चिंता व्यक्त की।
डॉ. मिश्र ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमारे बच्चे पाठ्यक्रम में विदेशी आक्रांताओं का इतिहास तो विस्तार से पढ़ते हैं, लेकिन वे अपने ही देश के असली नायकों और क्रांतिकारियों के बलिदान से वंचित हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि अब समय आ गया है जब हर विद्यालय में प्रार्थना सभा के बाद अनिवार्य रूप से किसी एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी या शहीद की जीवनगाथा सुनाई जाए। इससे नई पीढ़ी में राष्ट्रवाद के संस्कार प्रबल होंगे।
कार्यक्रम के दौरान समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने सेनानी परिवारों की गरिमा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहीद परिवारों का सम्मान अक्षुण्य है और उन्हें समाज में एक सजग प्रहरी की भूमिका निभानी चाहिए। इसी क्रम में साहित्यकार अरुण कुमार पाठक ने वर्तमान में जारी एस.आर.आर. (S.R.R.) अभियान के महत्व को बताया और सेनानी परिवारों से बी.एल.ओ. के साथ पूर्ण सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम में शिवडेल स्कूल के स्वामी शरद पुरी महाराज ने इन परिवारों को राष्ट्र की ‘धरोहर’ बताया।
इस भावुक अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. प्रेम सिंह की 33वीं पुण्यतिथि भी मनाई गई। उनके पुत्र अशोक कुमार चौहान ने 1941 के व्यक्तिगत सत्याग्रह और सहारनपुर जेल में झेली गई यातनाओं का संस्मरण साझा किया। इसके साथ ही, हाल ही में दिवंगत हुए सेनानी पुत्र श्री सुभाषचंद्र छाबड़ा के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में डॉ. मिश्र ने सभी को स्वच्छता की शपथ दिलाकर रचनात्मक कार्यों में जुड़ने का आह्वान किया।
ध्वजारोहण और शहीद प्रतिमा पर माल्यार्पण के इस गरिमामयी कार्यक्रम में कैलाश वैष्णव, वीरेन्द्र गहलोत, आचार्य करुणेश मिश्रा और आशा रघुवंशी सहित सैकड़ों की संख्या में सेनानी परिवारों के सदस्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे आजादी के दीवानों की मशाल को बुझने नहीं देंगे।

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