अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़
जागेश्वर धाम से ‘भारत शुद्धिकरण यात्रा’ का शंखनाद, संतों ने दिया सामाजिक एकता का संदेश
अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम से भारत शुद्धिकरण यात्रा का शुभारंभ। जगद्गुरु स्वामी सच्चिदानंद के नेतृत्व में निकली कलश यात्रा। जानिए क्या है इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य।
अल्मोडा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित विश्वविख्यात जागेश्वर धाम से बुधवार को ‘भारत शुद्धिकरण यात्रा’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस यात्रा की शुरुआत उत्तराखंड सरकार के दायित्वधारी दिनेश आर्य ने श्री चित्रगुप्त अखाड़े का ध्वज दिखाकर की। यह यात्रा जगद्गुरु श्री चित्रगुप्ताचार्य डॉ. स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज और महामंडलेश्वर लाल बाबा के दिव्य मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही है। यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर बड़ी संख्या में संत-महात्मा और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
यात्रा के प्रारंभ से पूर्व जागेश्वर धाम के ब्रह्मकुंड से पवित्र जल लेकर महिलाओं ने एक भव्य कलश यात्रा निकाली। संतों के अनुसार, यह अभियान केवल एक पदयात्रा नहीं है, बल्कि समाज में वैचारिक जागरण लाने का एक माध्यम है। जगद्गुरु स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि समाज को बांटने वाली विकृत मानसिकताओं को समाप्त करना इस यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संतों की यह सक्रियता राष्ट्र की एकता को मजबूत करने के लिए है।
कार्यक्रम के दौरान स्वामी सच्चिदानंद जी ने ‘जिहाद’ शब्द की व्याख्या करते हुए कहा कि इसका वास्तविक अर्थ आत्म-संघर्ष होता है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इस शब्द के अर्थ को विकृत कर समाज में भ्रम फैलाया गया है। भारत शुद्धिकरण यात्रा के माध्यम से संतों की टोली गाँव-गाँव जाकर इन भ्रांतियों को दूर करेगी। इस मौके पर महंत वरुणानंद महाराज और नवीन चंद्र भट्ट सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार साझा किए।
शुभारंभ समारोह में जागेश्वर धाम के समस्त पुजारीगण और स्थानीय क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यात्रा अब विभिन्न पड़ावों से होते हुए सामाजिक सद्भाव का संदेश फैलाएगी। योगेश योगी, रवि नेगी और अमित पुजारी जैसे स्थानीय नेताओं ने भी यात्रा को सफल बनाने के लिए संकल्प लिया। जागेश्वर की पवित्र भूमि से उठी यह गूंज आने वाले समय में देश के अन्य हिस्सों तक पहुँचने की उम्मीद है।
