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हल्द्वानी

सतपाल महाराज का सख्त निर्देश: 15 जून तक हर हाल में खुलेगा कैंचीधाम बाईपास

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कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कैंचीधाम बाईपास को 15 जून तक शुरू करने के निर्देश दिए। देरी होने पर अस्थायी वेली ब्रिज लगाकर यातायात बहाल करने को कहा गया है।

हल्द्वानी। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कैंचीधाम क्षेत्र में यातायात के दबाव को कम करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। सोमवार को भीमताल के विकास भवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान, उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कैंचीधाम बाईपास मार्ग को आगामी 15 जून तक हर हाल में जनता के लिए खोल दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि 75 मीटर लंबे मुख्य पुल के निर्माण में कोई भी देरी होती है, तो वहां तत्काल अस्थायी वेली ब्रिज (Bailey Bridge) लगाया जाए ताकि पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जाम से राहत मिल सके।
विकास भवन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने लोक निर्माण विभाग (PWD) की कुल पांच बड़ी योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन योजनाओं की कुल लागत लगभग ₹1258.12 लाख है, जिसमें ₹945.99 लाख की चार नई योजनाएं और ₹312.13 लाख का एक पूर्ण हो चुका प्रोजेक्ट शामिल है। सतपाल महाराज ने जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार सड़कों की कनेक्टिविटी को लेकर अत्यंत गंभीर है और अब तक उत्तराखंड के 14,027 गांवों को मुख्य सड़क मार्ग से सफलतापूर्वक जोड़ा जा चुका है।
बैठक में मंत्री ने सिंचाई विभाग और पर्यटन विभाग के अधिकारियों को भी कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने भीमताल-नौकुचियाताल नहर से अतिक्रमण हटाने और क्षतिग्रस्त नहरों की तत्काल मरम्मत करने को कहा। साथ ही, उन्होंने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए कि होम-स्टे में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए और पंचायतीराज विभाग कूड़ा निस्तारण की आधुनिक व्यवस्था सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि बढ़ती ट्रैफिक समस्या को देखते हुए प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण गुणवत्ता के साथ किया जाना चाहिए।
इस समीक्षा बैठक में क्षेत्रीय विधायक सरिता आर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने साफ किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कैंचीधाम बाईपास के शुरू होने से न केवल बाबा नीब करौरी के भक्तों को सुगमता होगी, बल्कि नैनीताल और अल्मोड़ा की ओर जाने वाले यात्रियों का समय भी बचेगा।

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