उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में इबोला वायरस को लेकर हाई अलर्ट, अस्पतालों को सख्त गाइडलाइंस जारी
कांगो और युगांडा में इबोला के बढ़ते मामलों के बाद उत्तराखंड सरकार अलर्ट पर है। अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों और ट्रेवल हिस्ट्री पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
देहरादून। वैश्विक स्तर पर बढ़ते स्वास्थ्य खतरों को देखते हुए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। राज्य में इबोला वायरस (Ebola Virus) को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को सख्त एडवाइजरी जारी की है। इस फैसले के बाद राज्य के सभी जिलों में स्वास्थ्य तंत्र को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अफ्रीकी देशों कांगो और युगांडा में इबोला वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया गया है। इसके तुरंत बाद महानिदेशक (स्वास्थ्य) डॉ. सुनीता टम्टा के आदेश पर देहरादून के सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा ने जिले में अलर्ट जारी कर दिया। विभाग ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे वायरस से प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों और संदिग्धों पर पैनी नजर रखें।
डॉक्टरों को हिदायत दी गई है कि अचानक तेज बुखार, शारीरिक कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश जैसे लक्षणों वाले मरीजों की गहन जांच की जाए। इसके अलावा उल्टी, दस्त या त्वचा पर चकत्ते दिखने पर भी मरीज की निगरानी की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी मरीज में ये लक्षण दिखते हैं, तो सबसे पहले उसकी हालिया ट्रेवल हिस्ट्री (यात्रा इतिहास) खंगालनी बेहद जरूरी होगी।
इस अलर्ट के बाद राज्य के चिकित्सा विशेषज्ञों ने आम जनता से पैनिक न होने और सावधानी बरतने की अपील की है। डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते पहचान और आइसोलेशन से इस खतरनाक वायरस के प्रसार को आसानी से रोका जा सकता है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर भी बाहर से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है।
