देहरादून
देहरादून साइबर ठगी: ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंसा छात्र, पिता के 1.77 करोड़ गंवाए
देहरादून में ऑनलाइन गेमिंग का खौफनाक चेहरा। बीसीए छात्र ने ‘विन अड्डा’ और गेमिंग ऐप्स के चक्कर में गंवाए पिता की जमीन के मुआवजे के ₹1.77 करोड़। पढ़ें पूरी खबर।
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में साइबर ठगी (Cyber Fraud) का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस और अभिभावकों के होश उड़ा दिए हैं। हरिद्वार जिले के झबरेड़ा निवासी 18 वर्षीय एक बीसीए छात्र ने ऑनलाइन गेमिंग और रातों-रात पैसा दोगुना करने के चक्कर में अपने पिता के 1.77 करोड़ रुपये गंवा दिए। ठगी का अहसास होने पर युवक ने आत्मघाती कदम उठाते हुए जहरीला पदार्थ भी गटक लिया, हालांकि समय रहते उसकी जान बचा ली गई।
पीड़ित अभिमन्यु ने पुलिस को बताया कि यह सिलसिला जनवरी 2025 में ‘स्पोर्ट्स बाजी’ और ‘ड्रीम 11’ जैसे ऐप्स से शुरू हुआ था। बाद में उसने यूट्यूब पर ‘विन अड्डा’ नामक एक वेबसाइट का विज्ञापन देखा। इसके बाद उसके पास विदेशी नंबरों (+237, +234 आदि) से व्हाट्सएप पर वीआईपी लिंक आने लगे। ठगों ने शुरुआत में उसे मामूली मुनाफा दिखाकर विश्वास में लिया और फिर बड़े निवेश के लिए उकसाया।
ठगों के बिछाए जाल में फंसकर युवक ने एक साल के भीतर अपने पिता के पांच अलग-अलग बैंक खातों से यूपीआई (UPI) के जरिए कुल 1.77 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार एक किसान परिवार है। युवक के पिता को ‘दून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे’ के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का भारी-भरकम मुआवजा मिला था, जिसे छात्र ने गेमिंग की लत में पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
साइबर अपराध थाने के एएसपी कुश मिश्रा के अनुसार, मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि युवक ने वह मोबाइल भी बेच दिया है जिससे उसने रकम ट्रांसफर की थी। पुलिस अब उन खातों और आईपी एड्रेस को ट्रैक कर रही है जहाँ यह मोटी रकम भेजी गई है। प्रशासन ने अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या ‘दोगुना मुनाफा’ देने वाले विज्ञापनों के झांसे में न आएं।
