उत्तराखण्ड
देहरादून में गर्मी का रिकॉर्ड: 15 साल बाद अप्रैल में पारा 39 डिग्री पार
उत्तराखंड में गर्मी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड! देहरादून में 15 साल बाद अप्रैल का दूसरा सबसे गर्म दिन दर्ज। जानें हरिद्वार और ऋषिकेश के तापमान का ताजा हाल।
देहरादून। उत्तराखंड में इस साल गर्मी ने समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को राजधानी देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2009 के बाद अप्रैल महीने में यह अब तक का दूसरा सबसे अधिक तापमान है। तपती धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है।
मैदानी जिलों में स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है। हरिद्वार और रुड़की में पारा लगातार दूसरे दिन 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दोपहर होते ही इन शहरों की सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और बाजारों में आवाजाही कम हो गई है। भीषण हीटवेव (Heatwave) के चलते प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी है।
हैरानी की बात यह है कि इस बार पहाड़ों पर भी मैदानी इलाकों जैसी तपिश महसूस की जा रही है। मुक्तेश्वर और टिहरी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 4 डिग्री तक ऊपर चला गया है। मुक्तेश्वर में तापमान 28.5 डिग्री और पिथौरागढ़ में 31.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पहाड़ों पर बढ़ती यह गर्मी पर्यावरण विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ की कमी और शुष्क हवाओं के कारण तापमान में यह उछाल आया है। पंतनगर में भी तापमान 39.8 डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे तराई के इलाकों में उमस और गर्मी बढ़ गई है। आने वाले दिनों में यदि बारिश नहीं होती है, तो देहरादून का तापमान 40 डिग्री के आंकड़े को भी पार कर सकता है।
गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि शरीर में पानी की कमी न होने दें और लू से बचने के लिए सूती कपड़ों का प्रयोग करें। पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले पहाड़ों पर बढ़ता पारा पर्यटकों की संख्या को भी प्रभावित कर सकता है। फिलहाल, राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
