हरिद्वार
हरिद्वार में आर्ट ऑफ लिविंग का 45वां स्थापना दिवस, श्रीश्री रविशंकर के जन्मदिन पर झूमे श्रद्धालु
हरिद्वार में आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्ष पूरे होने पर भव्य भजन-कीर्तन और गुरु पूजन का आयोजन। श्रीश्री रविशंकर के 70वें जन्मदिन पर बच्चों ने काटा केक। पढ़ें पूरी खबर।
हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के 45वें स्थापना दिवस के अवसर पर भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त धर्मगुरु श्रीश्री रविशंकर (गुरुजी) द्वारा स्थापित इस संस्था की हरिद्वार इकाई ने एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। मीना एन्क्लेव में आयोजित इस उत्सव में श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के बीच नाचते-झूमते हुए अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
स्थापना दिवस के साथ-साथ यह अवसर श्रीश्री रविशंकर जी के 70वें जन्मदिवस के जश्न का भी गवाह बना। कार्यक्रम के दौरान छोटे बच्चों के हाथों से केक कटवाकर गुरुजी को उनके जन्मदिन की मंगलकामनाएं दी गईं। इस दौरान वातावरण “जय गुरुदेव” के जयघोष से गुंजायमान रहा। देर रात तक चले इस भक्तिमय कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय निवासियों और अनुयायियों ने प्रतिभाग किया।
उत्सव का शुभारंभ योगाचार्य विमल कुमार और नरेश कुमार द्वारा गुरु पूजन से किया गया। इसके पश्चात सुमधुर भजन और संकीर्तन की प्रस्तुतियाँ भुवन नसवा, कुसुम, शालिनी शर्मा और मनस्वी काम्बोज की टीम ने दीं। भजनों की धुन पर श्रद्धालु स्वयं को झूमने से नहीं रोक सके। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने आध्यात्मिक शांति और सामुदायिक एकता का अनुभव किया।
हरिद्वार प्रभारी तेजिन्दर सिंह कैंथ ने बताया कि पिछले दो दशकों में हरिद्वार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में एक हजार से अधिक शिविर लगाए जा चुके हैं। उन्होंने वर्ष 2006 में बेंगलुरु आश्रम से प्रशिक्षण प्राप्त कर हरिद्वार में सुदर्शन क्रिया की शुरुआत की थी। अब तक हजारों लोग इस लाभकारी तकनीक से जुड़कर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला चुके हैं।
कार्यक्रम में आलोक शर्मा, संजीव गुप्ता, सोमना गुप्ता और यश ननकानी सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। आर्ट ऑफ लिविंग का यह सफर समाज में तनाव मुक्ति और खुशी फैलाने के संकल्प के साथ निरंतर जारी है। समापन पर सभी उपस्थित लोगों को गुरुजी के संदेशों से अवगत कराया गया और समाज सेवा का संकल्प लिया गया।
