हरिद्वार
सूचना आयोग का बड़ा एक्शन: HRDA के सहायक अभियंता पर लगा जुर्माना, जानें क्या है पूरा मामला
हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) के सहायक अभियंता पर सूचना आयोग ने ₹10,000 का जुर्माना लगाया। हर की पौड़ी घाट सौंदर्यीकरण से जुड़ी जानकारी छिपाने का आरोप।
हरिद्वार। उत्तराखंड सूचना आयोग ने हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री के आदेशानुसार हर की पौड़ी परिक्षेत्र के महत्वपूर्ण सुभाष घाट और गऊघाट के विकास व सौंदर्यीकरण से जुड़ी जानकारियां छिपाने पर यह एक्शन लिया गया है। लोक सूचना अधिकारी व सहायक अभियंता प्रशांत कुमार सेमवाल पर आयोग ने 10 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है।
राष्ट्रीय सूचना अधिकार जागृति मिशन के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को एचआरडीए से दो बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। उन्होंने अवस्थापना विकास निधि मद में जमा कुल धनराशि और ₹2050.63 लाख के बजट के रहते हुए भी घाटों का मरम्मत कार्य न कराने का विभागीय विवरण मांगा था। हालांकि, लोक सूचना अधिकारी द्वारा तय समय सीमा के भीतर यह महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
सूचना न मिलने पर पीड़ित ने प्रथम अपील दर्ज कराई, जिस पर सचिव मनीष सिंह ने 10 दिन में जानकारी देने का आदेश दिया था। इसके बावजूद 23 नवंबर 2025 तक कोई सूचना नहीं दी गई। इसके बाद मामला द्वितीय अपील के जरिए सूचना आयोग पहुंचा। आयोग ने सहायक अभियंता को सूचना प्रदान करने में 1 वर्ष 9 माह के विलंब और असत्य जानकारी देकर खानापूर्ति करने का दोषी पाया।
मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए सूचना आयुक्त दिलीप सिंह कुंवर ने 10 जून 2026 को सहायक अभियंता पर जुर्माना आरोपित किया। आदेश के मुताबिक, दोषी अधिकारी सूचना नियमावली 2013 के नियमों के तहत तीन महीने के भीतर इस जुर्माने की राशि को दो समान किस्तों में राजकोष में जमा कराएंगे। उत्तराखंड सूचना आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर इस आदेश की प्रति और आरटीआई नियमों से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइंस उपलब्ध हैं।
