उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में कभी भी दस्तक दे सकता है मानसून, चार दिन भारी बारिश का ऑरेंज-येलो अलर्ट
उत्तराखंड में मानसून की दस्तक! मौसम विभाग ने 30 जून से 3 जुलाई तक देहरादून समेत कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
देहरादून। उत्तराखंड में चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलने वाली है क्योंकि प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून कभी भी दस्तक दे सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य में मानसूनी हवाएं पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं। इसके प्रभाव से अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 30 जून से 3 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 30 जून यानी आज से ही राज्य के सभी पर्वतीय जिलों में तेज से अति तेज बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही मैदानी इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने के आसार हैं। आगामी 1 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ समेत छह अन्य जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा।
आगामी 2 जुलाई को मौसम का मिजाज और अधिक आक्रामक होने की उम्मीद है। इस दिन देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि हरिद्वार, उत्तरकाशी और चमोली में येलो अलर्ट रहेगा। मानसूनी बारिश का यह सिलसिला 3 जुलाई को भी जारी रहेगा। लगातार होने वाली इस तेज बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन होने और संवेदनशील मार्गों पर मलबा आने की प्रबल आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने स्थानीय निवासियों सहित चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने तथा नदी-नालों के किनारे न जाने की सख्त सलाह दी गई है। राज्य में सोमवार रात से ही प्री-मानसून की बारिश का दौर शुरू हो चुका है, जिसमें सर्वाधिक 38 मिमी वर्षा सल्ट में दर्ज की गई है। प्रशासन किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
