अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़
धारचूला में 15 वर्षीय स्कूली छात्रा ने दिया नवजात को जन्म, सहपाठी पर केस दर्ज
पिथौरागढ़ के धारचूला में एक नाबालिग स्कूली छात्रा ने बच्चे को जन्म दिया है। मामले का आरोपी उसका 16 वर्षीय सहपाठी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
पिथौरागढ़। धारचूला क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 15 वर्षीय नाबालिग स्कूली छात्रा ने एक नवजात बच्चे को जन्म दिया है। इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस कृत्य का आरोपी कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि उसी के स्कूल में साथ पढ़ने वाला एक 16 वर्षीय सहपाठी किशोर है। जिला महिला अस्पताल से मिली सूचना के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, धारचूला के एक गांव की रहने वाली नाबालिग किशोरी का अपने ही स्कूल और गांव के एक किशोर के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसी दौरान दोनों के बीच शारीरिक संबंध बन गए, जिसके चलते किशोरी गर्भवती हो गई। सामाजिक बदनामी और लोक-लाज के डर से सहमी हुई नाबालिग ने इस संवेदनशील बात को लंबे समय तक अपने परिवार और समाज से पूरी तरह छिपाए रखा।
बीते दिनों जब गर्भावस्था के सात महीने पूरे होने पर किशोरी को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई, तब जाकर परिजनों को मामले की भनक लगी। स्थिति बिगड़ती देख मजबूरन परिजनों को उसे इलाज और प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहाँ उसने नवजात को जन्म दिया। अस्पताल प्रबंधन द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी लिखित सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल अस्पताल पहुंचकर पीड़िता और उसके मौजूद परिजनों के विस्तृत बयान दर्ज किए हैं। धारचूला पुलिस ने पीड़िता के परिजनों की शिकायत और बयानों के आधार पर आरोपी नाबालिग सहपाठी के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कानून के दायरे में आगे की तफ्तीश और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
