हरिद्वार
उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ा हादसा, गंगा में डूबे 3 कांवड़िए
हरिद्वार और देवप्रयाग में गंगा में डूबने से 3 कांवड़िए लापता, 1 को बचाया गया। ऋषिकेश के पास सड़क हादसे में एक शिवभक्त कांवड़िये की दर्दनाक मौत।
हरिद्वार। उत्तराखंड में पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान अलग-अलग स्थानों पर दुखद हादसों की खबर सामने आई है। हरिद्वार और देवप्रयाग में गंगा नदी में स्नान और जल भरते समय तीन कांवड़िए गहरे पानी में डूबकर लापता हो गए। वहीं ऋषिकेश के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मेरठ के एक शिवभक्त कांवड़िये की जान चली गई। इन हादसों के बाद से प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है।
पहली घटना हरिद्वार के नमामि गंगे घाट की है, जहां गंगा में नहाते समय तीन कांवड़िए गहरे पानी में समा गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दिल्ली निवासी गौतम को सकुशल बाहर निकाल लिया। हालांकि मुरादाबाद निवासी पंकज और बुलंदशहर के आनंद कश्यप का कुछ पता नहीं चल सका। जल पुलिस, गोताखोरों और बोट की मदद से लापता कांवड़ियों की लगातार तलाश की जा रही है।
दूसरी घटना देवप्रयाग के टोंडेश्वर घाट पर घटित हुई। यहां हरियाणा के फरीदाबाद निवासी 24 वर्षीय आर्यन मिश्रा गंगा में जल भरने उतरे थे, लेकिन पानी के तेज बहाव में बह गए। पुलिस और रेस्क्यू टीम जल पुलिस की मदद से उनकी खोजबीन में जुटी हुई है। पवित्र नदी के उफान और तेज बहाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
तीसरा हादसा ऋषिकेश के समीप कालेकीढाल क्षेत्र में हुआ, जहां मेरठ के शास्त्रीनगर निवासी 39 वर्षीय कपिल शर्मा नीलकंठ जा रहे थे। उनकी बाइक अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से मृतक के परिजनों में मातम पसरा हुआ है।
कांवड़ यात्रा के दौरान लगातार हो रही इन घटनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। घाटों पर जल पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने सभी शिवभक्तों और कांवड़ियों से मुख्य घाटों पर ही स्नान करने, गहरे पानी में न जाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने का अनुरोध किया है।
