उत्तराखण्ड
धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: उपनल कर्मियों को समान वेतन, ग्रीन सेस और 1320 MW बिजली डील
उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 2026 की सहकारिता नीति, उपनल कर्मियों को चरणबद्ध समान वेतन और अडानी पावर से 1320 MW बिजली खरीद समेत 17 अहम फैसलों को मंजूरी मिली।
देहरादून। धामी कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में 17 बड़े प्रस्तावों पर मुहर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तराखंड के विकास और जनकल्याण से जुड़े 17 महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में राज्य की पहली ‘उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति, 2026’ को प्रख्यापित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया। यह नीति राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 के अनुरूप तैयार की गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।
उपनल कर्मचारियों को समान कार्य हेतु समान वेतन का तोहफा कैबिनेट ने उपनल के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। यह लाभ तीन चरणों में लागू किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 1 जनवरी 2016 से पूर्व नियोजित कर्मचारियों से होगी। इसके अलावा, सेवा में दिए जाने वाले कृत्रिम ब्रेक (व्यवधान) की शर्त को समाप्त करते हुए न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने का मार्ग प्रशस्त किया गया है।
अग्निवीरों के लिए समर्पित सेल और शहीदों का सम्मान राज्य सरकार ने सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए एक समर्पित प्रकोष्ठ (Dedicated Cell) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके संचालन हेतु 6 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही, उत्तराखंड के शहीद सैनिकों की स्मृतियों को जीवंत रखने के लिए उनके पैतृक गांवों में उनकी मूर्तियां स्थापित की जाएंगी।
ग्रीन सेस छूट समाप्त और 1320 मेगावाट बिजली समझौता सीएनजी और हाइब्रिड वाहनों पर मिलने वाली ग्रीन सेस की छूट को क्रमबद्ध तरीके से समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, राज्य में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अडानी पावर लिमिटेड से ₹5.746 प्रति यूनिट की दर पर 25 वर्षों के लिए 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद को मंजूरी दी गई।
