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उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में शुरू होगा ‘बाल वीरता पुरस्कार’, सीएम धामी ने की घोषणा

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उत्तराखंड के बहादुर बच्चों को अब हर साल ‘राज्य बाल वीरता पुरस्कार’ मिलेगा। सीएम पुष्कर सिंह धामी की घोषणा से राज्य के वीर बच्चों का सम्मान होगा।

देहरादून। उत्तराखंड के बहादुर बच्चों के सम्मान के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। अब प्रदेश के वीर बच्चों को हर साल राज्य स्तर पर ‘बाल वीरता पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह महत्वपूर्ण घोषणा की, जिससे राज्य के बच्चों का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की रक्षा करने वाले साहसी बच्चों के कई मामले सामने आते रहते हैं। चाहे गुलदार के हमले से अपनों को बचाना हो या उफनती नदियों में बह रहे लोगों की जान बचाना, यहाँ के बच्चों ने हर बार अदम्य साहस का परिचय दिया है। पिछले कुछ वर्षों से पुरस्कार की प्रक्रिया ठप्प रहने के कारण इन वीर बच्चों को उचित सम्मान नहीं मिल पा रहा था।
राज्य के इतिहास में अब तक कुल 15 बाल वीरों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसमें टिहरी के हरीश राणा, हरिद्वार की माजदा, देहरादून के प्रियांशु जोशी और पौड़ी की बहादुर बिटिया राखी जैसे कई नाम शामिल हैं। राखी ने अपने चार साल के छोटे भाई को गुलदार के जबड़े से छुड़ाकर अपनी बेमिसाल बहादुरी का सबूत दिया था।
मुख्यमंत्री धामी की इस घोषणा के बाद अब भारतीय बाल कल्याण परिषद और राज्य प्रशासन के माध्यम से योग्य बच्चों का चयन किया जाएगा। हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह में इन बाल वीरों को पुरस्कृत किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के युवाओं और बच्चों में साहस एवं सेवा की भावना को बढ़ावा मिलेगा।

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