हल्द्वानी
हल्द्वानी-नैनीताल रोपवे प्रोजेक्ट: काठगोदाम से हनुमानगढ़ी सिर्फ 25 मिनट में, कैंची धाम भी जुड़ेगा
काठगोदाम से नैनीताल के बीच 2800 करोड़ की लागत से बनेगा 14.9 किमी लंबा रोपवे। 25 मिनट में पूरा होगा सफर, जानें पूरा रूट और प्रस्तावित किराया।
हल्द्वानी। उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में पर्यटन और यातायात को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना पर काम शुरू हो गया है। हल्द्वानी के काठगोदाम से नैनीताल के हनुमानगढ़ी तक 14.9 किलोमीटर लंबे रोपवे प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारियां की जा रही हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत लगभग 2800 करोड़ रुपये तय की गई है। इस रोपवे के शुरू होने से पर्यटक हवा में सुहावना सफर करते हुए महज 25 मिनट में अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे।
प्रमुख सचिव (नियोजन) डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम की अध्यक्षता में काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि पहाड़ियों के संवेदनशील भूगोल को ध्यान में रखते हुए विस्तृत तकनीकी अध्ययन के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसके अलावा काठगोदाम रेलवे स्टेशन से रोडवेज परिसर तक 250 मीटर लंबा फुट ओवर ब्रिज बनाने और रानीबाग की 33 एकड़ भूमि पर रोपवे स्टेशन व पार्किंग विकसित करने पर सहमति बनी है।
एनएचएलएमएल (NHLML) के अधिकारियों के अनुसार इस रोपवे मार्ग पर कुल 58 टावर लगाए जाएंगे। इसके प्रमुख स्टेशन काठगोदाम, रानीबाग, भुजियाघाट, ज्योलीकोट और हनुमानगढ़ी में बनाए जाएंगे। ज्योलीकोट स्टेशन को एक प्रमुख जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां से भविष्य में प्रसिद्ध कैंची धाम के लिए भी रोपवे का विस्तार प्रस्तावित है। रानीबाग से हनुमानगढ़ी का प्रस्तावित एकतरफा किराया 375 रुपये प्रति व्यक्ति तय किया गया है।
इस परियोजना के पूरा होने से सडकों पर लगने वाले लंबे जाम से मुक्ति मिलेगी और समय की भारी बचत होगी। वर्तमान में सड़क मार्ग से कार द्वारा काठगोदाम से नैनीताल जाने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगता है, जो रोपवे से घटकर सिर्फ 20 से 25 मिनट रह जाएगा। इससे नैनीताल और कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम होगी और स्थानीय रोजगार व पर्यटन गतिविधियों में भी तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
