उधमसिंह नगर
काशीपुर में डंपरों का कहर: 24 घंटे में तीन भीषण हादसों में 3 की मौत, जमकर बवाल
उत्तराखंड के काशीपुर में अनियंत्रित डंपरों ने ली तीन मासूम जिंदगियां। लक्ष्मीपुर लच्छी में गुस्साए ग्रामीणों ने डंपर फूंका। हादसे के बाद क्षेत्र में भारी तनाव।
काशीपुर। क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के भीतर डंपरों के कहर ने तीन परिवारों को उजाड़ दिया है। सड़क हादसों की इन घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन और भारी वाहनों की रफ्तार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे उग्र प्रदर्शन लक्ष्मीपुर लच्छी गांव में देखा गया, जहां हादसे से भड़के ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद डंपर को आग के हवाले कर दिया। आग बुझाने पहुंची दमकल की गाड़ियों को भी ग्रामीणों ने तब तक रोके रखा, जब तक डंपर पूरी तरह जलकर राख नहीं हो गया।
पहली घटना सोमवार सुबह करीब आठ बजे की है, जब ढकिया नंबर एक निवासी 60 वर्षीय जयपाल सिंह अपनी बाइक से बेटे के घर जा रहे थे। तभी पीछे से आए एक खनन सामग्री से लदे डंपर ने उन्हें बुरी तरह कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी ओर, कुंडेश्वरी क्षेत्र के ब्रह्मनगर निवासी अनिल कुमार रविवार रात डंपर की चपेट में आ गए। अनिल ने डंपर को सामने से आते देख अपनी बाइक किनारे रोक दी थी, लेकिन अनियंत्रित चालक ने उन पर गाड़ी चढ़ा दी।
हादसों का सिलसिला यहीं नहीं थमा। शाहजहांपुर के रहने वाले 40 वर्षीय कृष्णकांत सक्सेना, जो पिछले 15 वर्षों से कुंडेश्वरी में रह रहे थे, भी डंपर का शिकार बने। रविवार रात वह आलू फार्म रोड पर एक मोमोज के ठेले के पास खड़े थे, तभी एक तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में कृष्णकांत की भी जान चली गई। इन घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस और प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।
वर्तमान में क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन में लगे वाहन नियमों की अनदेखी कर तेज रफ्तार से चलते हैं, जिससे सड़क हादसे आम हो गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रशासन अब इन इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने की योजना बना रहा है।
