हरिद्वार
हरिद्वार: ऋषिकुल पार्किंग में नशे और जुए का अड्डा, महिलाओं ने सिटी मजिस्ट्रेट से की सख्त कार्रवाई की मांग
हरिद्वार के ऋषिकुल क्षेत्र में अवैध टीन शेड और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ स्थानीय महिलाओं ने मोर्चा खोला। सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर अवैध दुकानें हटाने की मांग की।
हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार के ऋषिकुल नई बस्ती क्षेत्र में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। ऋषिकुल चौक के समीप स्थित पार्किंग स्थल में फैल रही गंदगी और नशे के कारोबार के खिलाफ अब क्षेत्र की महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
ज्ञापन में निवासियों ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि ऋषिकुल विद्यापीठ संस्था की देखरेख में संचालित इस पार्किंग के भीतर और आसपास लंबे समय से अवैध गतिविधियां फल-फूल रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ कुछ अस्थायी टीन शेड बनाकर दुकानें चलाई जा रही हैं। इन दुकानों की आड़ में सरेआम शराबखोरी, जुआ और नशे का खेल चल रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र का माहौल दूषित हो गया है।
सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान के कार्यालय पहुंची महिलाओं ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि इन गतिविधियों के कारण अब महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना असुरक्षित हो गया है। असामाजिक तत्वों के जमावड़े के कारण क्षेत्र की छवि खराब हो रही है और स्थानीय लोग मानसिक दबाव में हैं। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि इन अवैध टीन शेड और दुकानों को जल्द नहीं हटाया गया, तो क्षेत्र में कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है।
प्रशासन से मांग की गई है कि ऋषिकुल चौक पार्किंग और उसके आसपास नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में जगत सिंह रावत, ललिता प्रसाद पांडेय, किरन उप्रेती, सीमा भट्ट, कुसुम रावत और गीता उप्रेती सहित दर्जनों महिलाएं शामिल रहीं। अब देखना यह होगा कि कुंभ नगरी के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को प्रशासन कब तक भयमुक्त और स्वच्छ बना पाता है।
