Connect with us

नैनीताल

नैनीताल यौन शोषण: HC का सख्त रुख, IO पर ₹10 हजार का जुर्माना, 13 नवंबर को अगली सुनवाई

Published

on

खबर शेयर करें 👉

नैनीताल नाबालिग यौन शोषण मामले में उत्तराखंड HC ने दस्तावेज दाखिल न करने पर जांच अधिकारी (IO) पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोपी उस्मान खान की जमानत याचिका पर 13 नवंबर को होगी अगली सुनवाई।

नैनीताल । उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल में 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची के यौन शोषण के आरोपी उस्मान खान की जमानत याचिका पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने मामले में निर्धारित समय पर आवश्यक दस्तावेज दाखिल नहीं करने पर सीधे तौर पर जांच अधिकारी (IO) पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया में देरी और जांच में लापरवाही पर कोर्ट की गंभीरता को दर्शाता है।
विलंब पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की पीठ में इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जांच अधिकारी तीन दिन के भीतर जुर्माने की यह राशि हाईकोर्ट एडवोकेट वेलफेयर सोसायटी में जमा कराएँ। यह जुर्माना यह सुनिश्चित करने के लिए लगाया गया है कि पुलिस अधिकारी भविष्य में न्यायिक मामलों में समयबद्धता और जवाबदेही बनाए रखें।
क्या है पूरा मामला?
आरोपी उस्मान खान के खिलाफ मल्लीताल कोतवाली में 30 अप्रैल को नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। यह घटना इतनी गंभीर थी कि इसके विरोध में पूरे नैनीताल में व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला था, जिसने शहर में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। यह मामला पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।
एफएसएल रिपोर्ट पर मांगा गया समय
सुनवाई के दौरान, सरकार की ओर से अधिवक्ता ने फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL रिपोर्ट) दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है। कोर्ट ने सरकार की मांग को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 नवंबर की तारीख तय की है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 13 नवंबर को होने वाली सुनवाई में FSL रिपोर्ट पेश होगी या नहीं और कोर्ट आरोपी उस्मान खान की जमानत याचिका पर क्या निर्णय लेता है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement