उत्तराखण्ड11 months ago
“पंचाचूली देश” गाने के लोकगायक गणेश मर्तोलिया ने बहन और दादी को खोने के बाद सोशल मीडिया पर बयां किया दर्द, कहा “रात्रि में स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध नहीं है। कृपया अपने जीवन की ज़िम्मेदारी स्वयं लें।”
मैं आज तक हिमालय को सुकीली—स्वर्णिम और सुंदर—कहता आया था, पर अब जब भीतर से टूट चुका हूँ, तब जाकर उसकी असल पीड़ा समझ रहा हूँ।...